जिले में प्रशासन की टीम ने बिना मंडी लाइसेंस के खरीदी करने पर 105 दुकानों से 2996.40 क्विंटल धान जब्त किया है। दुकान संचालकों को प्रति क्विंटल 250 रुपए की दर से जुर्माना देना होगा। राशि जमा नहीं करने पर प्रकरण को कोर्ट में पेश किया जाएगा। समर्थन मूल्य पर 1 नवंबर से 31 जनवरी तक धान की खरीदी की गई। बिचौलिए समर्थन मूल्य पर केंद्रों में धान की बिक्री न करें, इसके लिए एसडीएम, तहसीलदार, कृषि उपज मंडी कटघोरा की टीम ने गांवों के दुकानों में छापामार कार्रवाई की। इस दौरान गोदामों से धान जब्त किया गया। पाली में 30 और करतला में 21 दुकानों से धान जब्त किया गया है। इनमें अधिकांश बड़े व्यवसायी हैं।
करतला ब्लॉक में सक्ती जिले की डेरागढ़ बाराद्वार से धान लाते हुए दो वाहनों से 56 क्विंटल धान जब्त किया गया है। सोहागपुर नहर मार्ग से रात में मेटाडोर से अवैध धान परिवहन किया गया। मामले में 28 क्विंटल धान जब्त किया गया। इसके अलावा पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक में भी सबसे अधिक धन जब्त किया गया है। मालूम हो कि बिना मंडी लाइसेंस के धान की खरीदी नहीं कर सकते। मंडी शुल्क 45 रुपए है। बिना मंडी लाइसेंस के धान खरीदने पर 5 गुना जुर्माने का प्रावधान है। इस हिसाब से ही जुर्माना वसूली की कार्रवाई कृषि उपज मंडी की टीम करेगी। जुर्माना नहीं देने पर प्रकरण कोर्ट में चलेगा। दोषी पाए जाने पर 6 महीने कारावास का भी प्रावधान है।
थोक का 100 और फुटकर 180 लोगों को ही मंडी लाइसेंस जिले के 412 ग्राम पंचायतों में डेढ़ हजार से अधिक दुकानें हैं। इसके बाद भी धान बेचने के लिए 100 लोगों के पास ही थोक लाइसेंस और 180 लोगों के पास फुटकर लाइसेंस है। गांव में लोग आज भी किराना सामान लेने के लिए फुटकर में धान की बिक्री करते हैं।
बिना पंजीयन कारोबार अपराध, 5 गुना जुर्माने का प्रावधान बिना मंडी में पंजीयन के कृषि उपज का कारोबार अपराध है। पांच गुना जुर्माने का प्रावधान है। समझौता शुल्क जमा नहीं करने पर प्रकरण सिविल कोर्ट में पेश किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर सजा भी होती है। नारायण पटेल, सचिव, कृषि उपज मंडी कटघोरा
थोक में 5000 और चिल्लर में मात्र 300 रुपए शुल्क कृषि उपज मंडी कटघोरा से मंडी लाइसेंस जारी होता है। धान के साथ महुआ, चिरौंजी का भी लाइसेंस लेना होता है। थोक लाइसेंस बनवाने का शुल्क 5 हजार रुपए है। इसके अलावा टर्नओवर के आधार पर एफडीआर जमा करना होता है। चिल्हर लाइसेंस का शुल्क 300 रुपए है। इसके तहत 20 क्विंटल तक धान खरीद सकते हैं।
650 करोड़ रुपए का धान खरीदा गया जिले में 41 समितियों ने 65 केंद्रों के जरिए समर्थन मूल्य पर 27 लाख 47 हजार 101.20 क्विंटल धान खरीदी की है। इसकी कीमत 650 करोड़ 78 लाख 82 हजार 742.80 रुपए है। इस बार लक्ष्य से 11.92 प्रतिशत कम खरीदी हुई है। 31.19 लाख लक्ष्य पाने के लिए 3 लाख 71 हजार 898.8 क्विंटल और खरीदी होनी थी।




















