नई दिल्ली। मतदाता सूची के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्षी दलों के विरोध को घुसपैठियों को बचाने की साजिश करार दिया है।
चुनाव आयोग ने बिहार के बाद पूरे देश में SIR कराने का निर्णय लिया है। हालांकि इसकी तारीख अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने इसकी तैयारियों को शुरू कर दिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, SIR का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और पारदर्शी बनाना है। वहीं, राजनीतिक दल इसे चुनावी मुद्दा बनाने की कोशिश कर रहे हैं।





















