क्या है मामला?
मीडिया की टीम ने कोरबा शहर के एमपी नगर वार्ड नंबर 28 स्थित उचित मूल्य विक्रय केन्द्र का निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि यहां मिलने वाला चावल बेहद खराब क्वॉलिटी का है।

हितग्राहियों ने बताया कि –
चावल में गुन, धान और कंकर की भारी मात्रा मिली है।
उपभोक्ता मजबूरी में इस चावल को छांव कर खाने योग्य बनाने की कोशिश करते हैं।
कई लोग इस चावल को बेचकर बाजार से खंडा चावल खरीदने को मजबूर हैं।
हितग्राहियों की मांग
ग्राहकों का कहना है कि शासन की ओर से भेजा जाने वाला चावल साफ-सुथरा और उपयोग योग्य होना चाहिए, ताकि परिवारों को पोषण मिल सके और वे सम्मानजनक तरीके से अपना हक का राशन खा सकें।
👉 सरकार और जिम्मेदार विभागों से अपेक्षा है कि जल्द ही इस पर कड़ी कार्रवाई हो और हितग्राहियों को गुणवत्तापूर्ण चावल उपलब्ध कराया जाए।





















