कोरबा।
2 अक्टूबर गांधी जयंती जैसे राष्ट्रीय पर्व के दिन, जब पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर शराबबंदी और नशामुक्ति जैसे आदर्शों की याद दिला रहा था, उसी दिन कोरबा जिले के बालको क्षेत्र के सिविक सेंटर बाजार में नियमों को ताक पर रखकर कटिंग कर मटन और मुर्गा बेचा जाता रहा।
स्थानीय लोगों ने बताया कि गांधी जयंती और राष्ट्रीय पर्वों पर मांस-मटन की बिक्री पर प्रशासन द्वारा रोक लगाए जाने के बावजूद बाजार में खुलेआम दुकानदारों ने कटिंग कर मुर्गा और मटन बेचा। कई जगह ग्राहकों की भीड़ भी देखी गई, मानो किसी तरह की रोक-टोक ही न हो।
प्रशासन पर उठे सवाल
गौरतलब है कि राष्ट्रीय पर्वों पर मांसाहार और मदिरा बिक्री रोकने के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस विभाग को सख्ती बरतनी होती है, लेकिन 2 अक्टूबर को बालको में इसका बिल्कुल उलटा नज़ारा देखने को मिला।
दुकानदार बेखौफ होकर धड़ल्ले से कटिंग करते रहे।
आसपास मौजूद लोगों ने मोबाइल पर वीडियो और फोटो भी कैप्चर किए।
लेकिन मौके पर किसी भी प्रशासनिक अधिकारी या पुलिस की मौजूदगी नहीं रही।
स्थानीय लोगों का आक्रोश
इस लापरवाही पर लोगों ने नाराजगी जताई और कहा कि “जब गांधी जयंती जैसे दिन पर भी नियम नहीं माने जा रहे तो फिर प्रशासन की सख्ती का क्या मतलब?”
लोगों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों को तुरंत जांच करनी चाहिए और नियम तोड़ने वाले दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।
सवाल यह है…
आखिर राष्ट्रीय पर्व पर जारी आदेशों का पालन क्यों नहीं हुआ?
क्या प्रशासन को पहले से जानकारी नहीं थी?
और अगर जानकारी थी तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?





















