रायपुर रायपुर की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत को हटाने की मांग को लेकर रायपुर पहुंचे कंवर को पुलिस ने AIIMS अस्पताल के पास एक भवन में नजरबंद कर दिया। इससे कोरबा जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश देखा जा रहा है।
ननकीराम कंवर ने पहले ही ऐलान किया था कि यदि कलेक्टर को नहीं हटाया गया, तो वे 4 अक्टूबर को मुख्यमंत्री आवास के सामने धरना देंगे। उनके रायपुर पहुंचते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उन्हें रोकने की रणनीति अपनाई। मौके पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, SDM और भारी पुलिस बल तैनात रहा।
भाजपा में हड़कंप, मनाने की कोशिश नाकाम
ननकीराम कंवर को मनाने के लिए भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और उनके बेटे संदीप कंवर भी मौके पर पहुंचे, लेकिन पूर्व मंत्री अपने फैसले पर अडिग रहे। कंवर ने कहा कि कोरबा कलेक्टर के खिलाफ 14 बिंदुओं में गंभीर शिकायतें शासन को सौंपी गई थीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
शासन ने मांगी जांच रिपोर्ट
इस घटनाक्रम के बीच राज्य शासन ने बिलासपुर संभागायुक्त सुनील जैन से मामले की जांच रिपोर्ट तलब की है। हालांकि, अभी तक कलेक्टर के खिलाफ कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
कोरबा में उबाल, सरकार पर सवाल
ननकीराम कंवर को नजरबंद किए जाने की खबर फैलते ही कोरबा में राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। स्थानीय लोगों में गुस्सा है और कई का कहना है, “अगर भाजपा सरकार अपने ही नेता के साथ ऐसा कर सकती है, तो आम जनता के साथ क्या न्याय करेगी?” यह घटना भाजपा के भीतर बढ़ते असंतोष और आंतरिक कलह को उजागर करती है।
आने वाले दिनों में बढ़ सकता है तनाव
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। ननकीराम कंवर की बगावत और नजरबंदी से न केवल कोरबा, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में सियासी हलचल तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।





















