मानिकपुर बस्ती के उरांव मोहल्ले की तस्वीर किसी सामाजिक विडंबना से कम नहीं। यहां हर गली-मोहल्ले में खुलेआम कच्ची महुआ शराब बिक रही है। न पुलिस का खौफ है, न प्रशासन की चिंता। मानो कानून का अस्तित्व ही समाप्त हो गया हो। स्थानीय लोगों के अनुसार, वर्षों से यह अवैध कारोबार जारी है और अब यह बस्ती शराब के नशे में डूबी एक नरक जैसी स्थिति में बदल चुकी है। हर घर का सदस्य एक ही सवाल पूछ रहा है — आखिर प्रशासन कब जागेगा?” एक युवक ने बताया, हम रोजी-रोटी के लिए बाहर काम करने चले जाते हैं, लेकिन पीछे घर वालों की चिंता बनी रहती है। नशे में धुत लोगों की हरकतों से परिवार हमेशा डर में जीता है। एक छात्रा ने कहा, “सुबह से रात तक शराब बिकती है। स्कूल-कॉलेज जाना दूभर हो गया है। रास्ते में नशे में लोग गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करते हैं। एक महिला ने तो साफ कहा — अब यह बस्ती नरक से कम नहीं रही, हमें डर में जीना पड़ रहा है।”ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पुलिस ने कार्रवाई की, मगर असर सिर्फ कुछ दिनों तक ही रहा। बाद में फिर वही पुराना खेल — अवैध महुआ शराब की खुली बिक्री। लोगों ने जिला पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर से मांग की है कि उरांव मोहल्ले में इस गोरखधंधे पर स्थायी रोक लगाई जाए, साथ ही निरंतर पुलिस गश्त और निगरानी की व्यवस्था की जाए, ताकि बस्ती के लोग चैन की सांस ले सकें और उनके बच्चे सुरक्षित माहौल में पढ़-लिख सकें। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रशासन कठोर और स्थायी कदम नहीं उठाएगा, तब तक यह बस्ती अवैध महुआ शराब के जाल से मुक्त नहीं हो पाएगी।
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.





















