कोरबा जिले की ज्यादातर पेट्रोल टंकी अब सूखने के कगार पर हैं जहां वाहन चालकों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है जिसमें किसानों को खेती के लिए ट्रैक्टर में डीजल की आवश्यकता होती है जिस पर डीजल नहीं होने की अवस्था में गाड़ियां कई दिनों से खड़ी हुई है ऐसे में किसानों को भी चिंता सताने लगी है कि क्या होगा जहां लोग पेट्रोल के लिए लंबी-लंबी लाइन लगाकर अपना समय बर्बाद कर रहे हैं वहीं कीमत में भी वृद्धि हो गई है इससे आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ रहा है देखा जा सकता है कि जिले के ज्यादातर पेट्रोल पंप सूख चुके हैं लेकिन सरकार आखिर चाहती क्या है लोगों को कहा जाता है कि गाड़ियां ना चलाएं पेट्रोल की बचत करें सोना ना खरीदें तो किस तरह से देश को चलाया जा रहा है देश को आए दोनों नई-नई मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है कभी नोटबंदी के नाम से तो कभी कोरोना के नाम से कभी युद्ध के नाम से
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