नई दिल्ली. वेस्ट एशिया महायुद्ध के बीच भारत के लिए एक बहुत बड़ी और राहत वाली खबर आई है. देश में एलपीजी गैस की कोई किल्लत नहीं होगी. 94 हजार एमटी (MT) एलपीजी कार्गो से लदे दो बड़े जहाज भारत आ रहे हैं. इन जहाजों के नाम बीडब्ल्यू टीवाईआर (BW TYR) और बीडब्ल्यू ईएलएम (BW ELM) हैं. ये दोनों एलपीजी कैरियर युद्ध वाले खतरनाक क्षेत्र से बिल्कुल सुरक्षित बाहर निकल चुके हैं. अब ये तेजी से भारतीय तटों की तरफ बढ़ रहे हैं. बीडब्ल्यू टीवाईआर जहाज 31 मार्च 2026 को मुंबई बंदरगाह पर पहुंच जाएगा. वहीं दूसरा जहाज बीडब्ल्यू ईएलएम 1 अप्रैल 2026 को न्यू मैंगलोर पहुंचेगा. इससे देश में गैस की सप्लाई चेन पूरी तरह मजबूत बनी रहेगी.
लोगों को बिल्कुल भी पैनिक होने की जरूरत नहीं है. सरकार हर स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है. ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल के युद्ध के कारण इस जलडमरूमध्य से होने वाली शिपिंग लगभग पूरी तरह से रुक गई है, लेकिन ईरान ने कई मौकों पर कहा है कि ‘जो जहाज़ दुश्मन देश के नहीं हैं’, वे इस जलमार्ग से गुज़र सकते हैं, बशर्ते वे ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें.
एलपीजी लेकर ‘जग वसंत’ जहाज गुजरात के वडीनार बंदरगाह पहुंचा
दो दिन पहले ही 27 मार्च को भारतीय ध्वज वाला पोत ‘जग वसंत’ 47,000 टन एलपीजी लेकर गुजरात के जामनगर स्थित वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा है. दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण के एक बयान के अनुसार, कुवैत के मीना अल अहमदी बंदरगाह से सामान लेकर एमटी जग वसंत शुक्रवार रात 8:30 बजे वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा. यह बंदरगाह दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण के अंतर्गत आता है.
दो दिन पहले ही 27 मार्च को भारतीय ध्वज वाला पोत ‘जग वसंत’ 47,000 टन एलपीजी लेकर गुजरात के जामनगर स्थित वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा है. दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण के एक बयान के अनुसार, कुवैत के मीना अल अहमदी बंदरगाह से सामान लेकर एमटी जग वसंत शुक्रवार रात 8:30 बजे वडीनार बंदरगाह पर पहुंचा. यह बंदरगाह दीनदयाल बंदरगाह प्राधिकरण के अंतर्गत आता है.




