नवागढ़/बेमेतरा क्षेत्र में कथित पेड़ का अवैध कटाई की सूचना देते समय विवाद का कारण बन गया, जब पत्रकारों द्वारा वन विभाग नवागढ को जानकारी देने वन विभाग पहुंचे तो डिप्टी रेंजर शराब के नशे में अभद्र व्यवहार करने लगे। घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चा और नाराजगी का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार, पत्रकारों को ग्रामीण क्षेत्र में पेड़ का अवैध कटाई की सूचना मिली थी, जिसके बाद उन्होंने जिम्मेदारी निभाते हुए संबंधित वन विभाग के डिप्टी रेंजर इंद्र कुमार कसारे को मौखिक पर सूचना दी। आरोप है कि सूचना मिलने के बाद कार्यवाही करने के बजाय पत्रकार के साथ ही अभद्र व्यवहार असामान्य दिखाई दिया। स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने इंद्र कुमार कसारे को शराब के नशे में लत देखकर हैरान हो गए क्योंकि पत्रकारों से ही बहस एवं धमकी भरे अंदाज में बात करने लगे। घटना के बाद पत्रकारों ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि यदि अवैध कटाई की सूचना देने वालों को ही डराया जाएगा, तो फिर हरे वृक्ष की सुरक्षा कैसे होगी। पत्रकारों ने मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों एवं सुशासन में करने की बात कही है।
पत्रकारों ने कहा —
“हमने अपना कर्तव्य निभाते हुए वृक्ष बचाने की सूचना दी थी, लेकिन कार्रवाई करने के बजाय सवाल पूछने वालों को ही धमकाया जाने लगा।”
स्थानीय नागरिकों ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों का आचरण मर्यादित और जवाबदेह होना चाहिए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी पर विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। एक ग्रामीण ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा —
“जंगल कट रहे हैं, शिकायत करने वाले डराए जा रहे हैं और जिम्मेदार मदहोश घूम रहे हैं इंद्रकुमार कसारे… आखिर संरक्षण करेगा कौन?”
फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज है और लोग प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।




