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कोरबा। जिले में बढ़ते अपराध और नशे के काले कारोबार पर नकेल कसने के लिए जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने पूरी तरह से कमर कस ली है। जिले के कप्तान (SP) और आबकारी के नए कमिश्नर के आते ही एक्शन मोड ऑन हो चुका है। अब कोरबा में कानून का राज और सख्त होने जा रहा है, क्योंकि “सिंघम” अंदाज में अधिकारियों ने साफ चेतावनी दे दी है—”नियम से चलोगे तो ठीक, वरना बख्शे नहीं जाओगे!”
⚡ ताबड़तोड़ छापेमारी, थर-थर कांप रहे नियम तोड़ने वाले
चाहे बड़े-बड़े आलीशान बार हों या फिर शहर के नामी क्लब—अगर नियमों की अनदेखी हुई, तो कार्रवाई तय है। जिला प्रशासन और आबकारी की संयुक्त टीमें इस वक्त हर संदिग्ध ठिकाने पर अचानक धमक रही हैं। आधी रात को होने वाली इस औचक चेकिंग से अवैध शराब परोसने वालों और तय समय के बाद भी महफिलें सजाने वाले रसूखदारों के पसीने छूट रहे हैं।
अधिकारियों का दोटूक संदेश:
“कायदे में रहेंगे तो फायदे में रहेंगे, नहीं तो कानूनी कार्रवाई की जद में आने से कोई नहीं रोक पाएगा।”
👏 जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की चौतरफा तारीफ
इस कड़े और सराहनीय कदम के बाद शहर की आम जनता ने राहत की सांस ली है। लोग जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की इस जुगलबंदी की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
क्राइम पर फुल स्टॉप: नशे के कारण होने वाले सड़क हादसों और आपसी विवादों में भारी कमी आने की उम्मीद है।
सुरक्षित माहौल: देर रात तक हुड़दंग मचाने वाले तत्वों पर लगाम लगने से अब परिवार और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
सख्त और ईमानदार नेतृत्व: नए आबकारी कमिश्नर और जिले के कप्तान की इस साख ने अपराधियों और अवैध कारोबारियों के हौसले पस्त कर दिए हैं।
🚫 अब नहीं चलेगी ‘पहुंच’ और ‘पैरवी’
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध और नशे के खिलाफ चल रही इस जंग में किसी भी प्रकार की सिफारिश या रसूख काम नहीं आएगा। शहर की शांति भंग करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
कोरबा पुलिस और आबकारी विभाग का यह संयुक्त अभियान वाकई काबिले-तारीफ है, जिसने यह साबित कर दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है


