कोरबा। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत मिली आवास राशि को धोखाधड़ीपूर्वक अंगूठा लगवाकर AEPS (आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम) के माध्यम से अवैध रूप से निकालने का मामला सामने आया है। पीड़ित हितग्राही ने इस संबंध में कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ एवं पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
पीड़ित हितग्राही हृदय सिंह मरपचची ने बताया कि वह ग्राम झरियामुड़ा, ग्राम पंचायत मानिकपुर, जनपद पंचायत पोड़ी उपरोड़ा, जिला कोरबा (छत्तीसगढ़) का निवासी है। उसे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत आवास निर्माण हेतु राशि उसके बैंक खाते में प्राप्त हुई थी।
पीड़ित के अनुसार 20 फरवरी 2026 को सुबह लगभग 9:30 बजे एक व्यक्ति उसके घर आया और बैंक खाता चेक कराने के बहाने उसे अपने मित्र के साथ मोटरसाइकिल से स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पोड़ी उपरोड़ा के सामने संचालित ग्राहक सेवा केंद्र (कियोस्क) ले गया। वहां उससे दो बार अंगूठा मशीन पर लगवाया गया और बाद में यह कहकर घर छोड़ दिया गया कि खाते में कोई पैसा नहीं है।
कुछ समय बाद पीड़ित के बेटे के मोबाइल पर “AEPS Withdrawal Successfully ₹25000” का संदेश आया। इससे पता चला कि उसके खाते से 25 हजार रुपये की राशि AEPS के माध्यम से निकाल ली गई है।
पीड़ित का कहना है कि वह पढ़ा-लिखा नहीं है और बैंकिंग प्रक्रिया की जानकारी नहीं रखता, इसी का फायदा उठाकर उससे धोखे से अंगूठा लगवाकर रकम निकाल ली गई। उसे इस निकासी की कोई जानकारी या सहमति नहीं थी।
बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर यह भी सामने आया कि आवास योजना की राशि तीन किस्तों में खाते में आई थी—
पहली किस्त 18 सितंबर 2024 को 40 हजार रुपये,
दूसरी किस्त 17 मई 2025 को 55 हजार रुपये
और तीसरी किस्त 11 फरवरी 2026 को 25 हजार रुपये।
पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में भी उसके खाते से 21 मई 2025 और 2 जून 2025 को 30-30 हजार रुपये की निकासी की गई थी, जिसकी जानकारी उसे बाद में मिली।
पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा अवैध रूप से निकाली गई राशि उसे वापस दिलाई जाए।
यह मामला ग्रामीण क्षेत्रों में AEPS प्रणाली के दुरुपयोग और भोले-भाले हितग्राहियों के साथ हो रही धोखाधड़ी की ओर गंभीर संकेत करता है। साथ ही आवासमित्र एवं कियोस्क संचालक का प्रमाण पत्र रद्द कर संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी मामला दर्ज करना चाहिए।

























