कोरबा जिले के मानिकपुर स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की उचित मूल्य दुकान (ID क्रमांक 551001075) पर मिलने वाले चावल की गुणवत्ता पर सवाल उठ खड़े हुए हैं। हितग्राही आरोप लगा रहे हैं कि दुकान से मिलने वाला चावल इतना खराब है कि खाने योग्य नहीं रह जाता।
स्थानीय निवासी का कहना है कि उन्हें मिलने वाला चावल धान और कंकड़ से भरा रहता है। हालात ऐसे हैं कि लोग चावल को पहले छांवकर इस्तेमाल करते हैं, फिर भी दाने अच्छे नहीं निकलते। कई हितग्राही मजबूरी में उस चावल को बेचकर बाज़ार से खंडा चावल खरीदकर घर में उपयोग कर रहे हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। गरीब परिवार, जिन्हें सरकारी योजना के तहत बेहतर गुणवत्ता का चावल मिलना चाहिए, उन्हें घटिया अनाज थमाया जा रहा है।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया:
इस मामले में अब तक प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। हितग्राही मांग कर रहे हैं कि जिला प्रशासन तुरंत जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे ताकि भविष्य में उन्हें गुणवत्तापूर्ण अनाज मिल सके।
मानिकपुर के हितग्राहियों की यह परेशानी शासन की मंशा पर सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक इस गंभीर मामले पर ध्यान देकर हितग्राहियों को राहत दिलाता है। बने रहिए हमारे न्यूज के साथ आगे की ख़बर के लिए SN India News



















