बिलासपुर : छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से स्पा सेंटर की आड़ में युवतियों के शोषण का गंभीर मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र स्थित एक स्पा सेंटर में काम करने वाली युवती ने संचालकों पर जबरन अनैतिक कार्य के लिए दबाव बनाने और इनकार करने पर छह महीने का वेतन रोकने का आरोप लगाया है। पीड़िता अंबिकापुर की रहने वाली है। उसने 7 फरवरी को सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। युवती के अनुसार, सत्यम चौक स्थित आइवरी स्पा सेंटर का संचालन पूजा डेकाल द्वारा किया जाता था, जबकि नीरू तमंग वहां मैनेजर के रूप में कार्यरत थी। दोनों महिलाएं नेपाली मूल की बताई जा रही हैं, जो आधार कार्ड बनवाकर बिलासपुर में रह रही थीं।
“स्पेशल सर्विस” के नाम पर कस्टमर से सेक्स करने के लिए दबाव
शिकायत के मुताबिक, पीड़िता को अच्छी कमाई और नौकरी का लालच देकर बिलासपुर बुलाया गया और स्पा सेंटर में काम पर रखा गया। शुरुआत में उससे बॉडी मसाज, थैरेपी और फेशियल जैसी सेवाएं देने को कहा गया, लेकिन बाद में “स्पेशल सर्विस” के नाम पर कस्टमर से सेक्स करने के लिए दबाव बनाया जाने लगा। जांच में सामने आया है कि फैमिली सैलून की आड़ में स्पा सेंटर संचालित किया जा रहा था।
मना करने पर 6 माह की सैलरी रोकी
युवती का आरोप है कि जब उसने इस तरह की मांगों से इनकार किया, तो उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और छह महीने की सैलरी भी रोक ली गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि स्पा सेंटर में आने वाले ग्राहकों से 2 से 3 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। इनमें से युवतियों को 1,000 से 1,500 रुपये देने की बात कही जाती थी, लेकिन कई बार यह राशि भी नहीं दी जाती थी। पीड़िता के अनुसार, अधिकांश रकम संचालक और मैनेजर ही रख लेते थे।




















