कोरबा शहर में भारी वाहनों का दबाव कम करने उपयोगी ढेंगुरनाला, बेलगिरीनाला व सर्वमंगला पुल की हालत बदहाल हो गई है। 3 सप्ताह पहले कलेक्टर कुणाल दुदावत ने अधिकारियों को मरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक इन पुलों की सुध ही नहीं ली गई। इस कारण राहगीर परेशान हो रहे हैं।
सर्वमंगला नहर बायपास शुरू होने के बाद कुसमुंडा की ओर से उरगा होते चांपा, रायगढ़ व अन्य क्षेत्रों के लिए कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों के आवाजाही से कुदुरमाल पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। इसकी वजह से पुल से आवाजाही बंद कर दी गई है। ऐसे में अब भारी वाहनों को सर्वमंगला चौक से रिंग रोड (बालकोनगर) होते हुए उक्त क्षेत्रों के लिए आवाजाही करनी पड़ रही है। ऐसे में उक्त मार्ग पर पड़ने वाले ढेंगुरनाला, बेलगिरीनाला पुल भी क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जहां बड़े-बड़े गड्ढे होने के साथ ही ज्वाइंट पर भी गेप बढ़ता जा रहा है।
वहीं सर्वमंगला पुल के ऊपर सड़क की लंबे समय से मरम्मत नहीं होने और भारी वाहनों का दबाव बढ़ने से उसपर भी गड्ढे बढ़ते जा रहे हैं। कलेक्टर दुदावत ने 3 सप्ताह पहले 16 जनवरी को ध्यानचंद चौक से बालको तक मुख्य मार्ग (रिंग रोड) का निरीक्षण किया था, इस दौरान उन्होंने सड़क पर गड्ढे व पुलों की हालत बदहाल देखकर आवश्यक मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए थे, लेकिन किसी भी पुल पर मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका, जबकि पुलों की हालत लगातार बदहाल होती जा रही है। गड्ढे व ज्वाइंट पर गेप बढ़ने की वजह से राहगीर परेशान हो रहे हैं। खासकर दोपहिया वाहन में आवाजाही करने वालों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
400 मालवाहकों की आवाजाही से बढ़ा दबाव कुदुरमाल पुल के बंद होने से सर्वमंगला पुल समेत बेलगिरीनाला, ढेंगुरनाला पुल पर करीब 400 मालवाहकों अतिरिक्त चलने लगे हैं। रिंग रोड पर पहले से ही कोयला के अलावा राखड़, एल्यूमिनियम, लोहा समेत अन्य माल परिवहन करने वाले 1000 से अधिक मालवाहक प्रतिदिन गुजरते हैं। ऐसे में अतिरिक्त यातायात का दबाव बढ़ गया है। शहर से बाहरी क्षेत्रों के बीच भारी वाहनों की आवाजाही के लिए उक्त पुल लाइफलाइन है, लेकिन पुल मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।





















