कोरबा | छत्तीसगढ़ कोरबा जिले के गेवरा रोड रेलवे स्टेशन से पैसेंजर ट्रेनों के पुनः परिचालन की मांग को लेकर एक बार फिर आवाज़ बुलंद हुई है। जिले के जाने-माने समाजसेवी *श्री प्रदीप जायसवाल* ने इस संबंध में *रेल मंत्री, भारत सरकार* को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपते हुए कोविड-19 महामारी से पूर्व संचालित सभी पैसेंजर ट्रेनों को पुनः चालू करने की मांग की है।
ज्ञापन में बताया गया है कि *कोविड-19 से पहले गेवरा रोड रेलवे स्टेशन से कुल पाँच पैसेंजर ट्रेनों का नियमित संचालन होता था, जिनका समय क्रमशः **प्रातः 5:30 बजे, प्रातः 8:00 बजे, प्रातः 11:00 बजे, दोपहर 1:30 बजे एवं सायं 6:00 बजे* निर्धारित था। इन ट्रेनों के माध्यम से गेवरा रोड एवं आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को *रायपुर, बिलासपुर सहित अन्य प्रमुख शहरों* तक आवागमन में अत्यंत सुविधा मिलती थी।
*कोविड के बाद ठप पड़ा यात्री परिवहन*
कोविड-19 महामारी के दौरान सुरक्षा कारणों से इन पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन बंद कर दिया गया था, लेकिन महामारी समाप्त होने और लगभग सभी सेवाएं सामान्य हो जाने के बावजूद अब तक इन ट्रेनों को पुनः प्रारंभ नहीं किया गया है। इससे क्षेत्र के *छात्रों, श्रमिकों, कर्मचारियों, व्यापारियों और मरीजों* को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
श्री जायसवाल ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि गेवरा रोड क्षेत्र *कोयला उत्पादन का प्रमुख केंद्र* होने के साथ-साथ घनी आबादी वाला इलाका है। यहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग शिक्षा, रोजगार, व्यापार और उपचार के लिए रायपुर, बिलासपुर व अन्य शहरों की यात्रा करते हैं। पैसेंजर ट्रेनों के बंद होने से लोगों को महंगे निजी साधनों या अनियमित बस सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
*जनहित में शीघ्र निर्णय की मांग*
समाजसेवी प्रदीप जायसवाल ने रेल मंत्री से आग्रह किया है कि *जनहित और क्षेत्रीय आवश्यकताओं* को ध्यान में रखते हुए गेवरा रोड रेलवे स्टेशन से पूर्व की भांति सभी पाँचों पैसेंजर ट्रेनों का पुनः नियमित परिचालन शीघ्र शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे न केवल आम जनता को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी।
*स्थानीय लोगों में उम्मीद*
ज्ञापन सौंपे जाने के बाद स्थानीय नागरिकों में उम्मीद जगी है कि रेल मंत्रालय इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेगा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि पैसेंजर ट्रेनें पुनः शुरू होती हैं, तो हजारों यात्रियों को प्रतिदिन बड़ी राहत मिलेगी और गेवरा रोड रेलवे स्टेशन की उपयोगिता भी बढ़ेगी।
अब देखना होगा कि रेल मंत्रालय इस जनहित से जुड़े मुद्दे पर कब तक ठोस कदम उठाता है।
























