कोरबा/पोड़ी उपरोड़ा:- आगामी बोर्ड परीक्षाओं को शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से सम्पन्न कराने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने बीते 15 फरवरी से शिक्षकों पर एस्मा (एसेंशियल सर्विस एंड मेंटनेंस एक्ट) लागू कर दिया है। इसके तहत ढाई महीने तक शिक्षकों को ड्यूटी पर तैनात रहना अनिवार्य है। परीक्षा से जुड़े अधिकारियों, कर्मचारियों और विशेष रूप से शिक्षकों की छुट्टियां, आंदोलनों और परीक्षा ड्यूटी से इंकार पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं जिला प्रशासन द्वारा भी राज्य शासन के आदेशानुसार बिना सक्षम अधिकारी अनुमति शिक्षकों को किसी भी प्रकार के अवकाश पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। लेकिन इस आदेश के विपरीत पोड़ी उपरोड़ा बीईओ में नाफरमानी चरम पर है और प्रशासनिक प्रतिबंधों के बावजूद बीईओ द्वारा शिक्षकों को नियम विरुद्ध अवकाश स्वीकृत करते हुए मनमानी राज चला रहे है, शायद जो जिला प्रशासन के संज्ञान में नही आ पाया है।
बता दें कि पोड़ी उपरोड़ा खण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अंतर्गत पसान संकुल के प्राथमिक शाला केन्दहाडांड़ में पदस्थ सहायक शिक्षिका (एलबी) प्रिया नागवंशी द्वारा बीईओ को 14 फरवरी 2026 को आवेदन देकर अपने पुत्र के स्वास्थ्य खराब होने का हवाला दे 17 फरवरी से 28 फरवरी तक अवकाश मांगा गया। जहां बीईओ ने भी शासन- प्रशासन के आदेश का खुलेआम उल्लंघन करते हुए मनमाना अवकाश स्वीकृत कर दी। जबकि वार्षिक परीक्षा सिर पर है और इस दौरान किसी भी शिक्षक को अवकाश स्वीकृत करने से पहले सक्षम अधिकारी से अनुमति आवश्यक है, लेकिन बीईओ ने नियम के अवहेलना की और एकाधिकार दिखाते हुए अवकाश की औपचारिकता निभा दी गई। पोड़ी उपरोड़ा खण्ड शिक्षाधिकारी कार्यालय में बीईओ के. राजेश्वर दयाल के पदस्थापना के बाद यह कोई पहला मामला नही है जब इस तरह के मनमानी को अंजाम दिया गया हो, इसके पहले भी लापरवाह शिक्षकों को नोटिस का खेला, मनमाने अवकाश स्वीकृत सहित अनेकों अनियमितताएं उजागर हुई है। लेकिन लापरवाह अधिकारी पर उचित कार्रवाई के अभाव में हौसले बुलंद है और इसी के तहत वे पोड़ी उपरोड़ा बीईओ कार्यालय में मनमानी राज चला रहे है।





















