शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने, हादसों को कम करने और सड़क किनारे से ठेले-गुमटी हटाकर अतिक्रमण मुक्त बनाने नगर निगम की ओर से सभी जोन में वेंडिंग जोन बनाए जाएंगे। वेंडिंग जोन योजना की शुरुआत पिछले साल कोसाबाड़ी से की गई, जहां 19 लाख 65 हजार रुपए की लागत से वेंडिंग जोन बनाकर ठेले-गुमटी शिफ्ट किए गए।
अब बुधवारी बाजार में वेंडिंग जोन बनाया जा रहा है। इधर वेंडिंग जोन की योजना शुरू होने के बाद शहर में मुख्य मार्गो पर सड़क किनारे ठेले-गुमटी बढ़ गए हैं। बुधवारी बाजार से घंटाघर होते हुए सुभाष चौक तक का इलाका ठेले-गुमटी व अस्थाई दुकानों के कारण अतिक्रमण जोन बन गया है। कोसाबाड़ी वेंडिंग जोन बनने के बाद ढाई माह पहले फल-सब्जी, नाश्ता समेत अन्य दुकान शिफ्ट किए गए। अब फिर से सड़क पर सब्जी-फल समेत अन्य दुकानें लग रही हैं। घंटाघर के चारों ओर भी अतिक्रमण है। फुटपाथ पर भी ठेले-गुमटी वालों का कब्जा है।
अतिक्रमण से शहर के सौंदर्यीकरण पर असर पड़ रहा है। निहारिका से लेकर घंटाघर तक सड़क किनारे लगने वाले नाश्ते के ठेलों की वजह से यातायात व्यवस्था बिगड़ने लगी। इस पर एक दशक पहले घंटाघर मैदान में अस्थाई चौपाटी बनाकर दुकानों को शिफ्ट किया गया। इसके बाद फिर से सड़क किनारे नए ठेले लगने लगे। वर्तमान में स्मृति उद्यान के पीछे स्थाई चौपाटी बनाकर दुकानों को शिफ्ट किया गया। इसके बावजूद पहले की तरह सड़क किनारे चाय-नाश्ता के ठेले लग रहे हैं। सड़क किनारे ज्यादा बिक्री के चक्कर में अतिक्रमण बढ़ गया है।
मुफ्त में स्थाई दुकान पाने बढ़ गए हैं छोटे कारोबारी कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत कोसाबाड़ी चौक के पास शॉपिंग कॉम्पलेक्स के सामने पार्किंग में ठेले-गुमटी लगाकर फल-सब्जी बिक रही थी। वहां फिर धीरे-धीरे नाश्ता की दुकानें लग गईं। अतिक्रमण हटाने के बाद छोटे कारोबारी दोबारा सड़क किनारे दुकान लगा लेते थे। इस पर सर्वे कर उनके लिए 20 से अधिक दुकानें तैयार कर वेंडिंग जोन बनाया गया। अब बुधवारी में 50 से अधिक दुकानों वेंडिंग जोन तैयार है। कोसाबाड़ी की तरह मुफ्त में स्थाई दुकान पाने लोग सड़क किनारे अतिक्रमण कर दुकान लगा रहे हैं।
वेंडिंग जोन बनने से सड़कें हो जाएंगी अतिक्रमणमुक्त ^बुधवारी बाजार के पास पार्किंग में नया वेंडिंग जोन का काम चल रहा है। दुकानों की शिफ्टिंग के बाद अतिक्रमण पर लगातार कार्रवाई होगी। मुख्य मार्ग अतिक्रमणमुक्त होंगे। छोटे कारोबारी पहले से चिन्हित हैं। आशुतोष पांडेय, आयुक्त, नगर निगम कोरबा




















