कोरबा/पाली:- मनमाने कार्यप्रणाली और अनियमिता मामले को लेकर डोंड़की के सचिव जुगुल श्रीवास को पूर्व में दूरस्थ के अन्यंत्र पंचायत में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन सचिव जुगुल कुछ माह बाद पुनः अपना पदस्थापना अपने गृहग्राम पटपरा के समीप ग्राम पंचायत डोंड़की कराने में सफल रहे। लेकिन उनके आचरण में कोई सुधार नही आ पाया है, जिसे लेकर एक बार फिर वे विवादों में आ गए है। जहां उनके मनमाने क्रियाकलापों की शिकायत ग्रामीणों व पंचायत प्रतिनिधियों ने कलेक्टर से कर तत्काल हटाने मांग की है।
पाली जनपद पंचायत के अधीन ग्राम पंचायत डोंड़की में सचिव जुगुल श्रीवास पदस्थ है, लेकिन सचिव के मनमाने आचरण से ग्राम के ग्रामीण व पंच, सरपंच खासे परेशान है और उन्होंने एक शिकायती आवेदन बीते दिनों कलेक्टर को देते हुए सचिव जुगुल का तत्काल अन्यंत्र स्थानांतरण व अन्य कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर को सौंपे गए शिकायतपत्र में उल्लेख किया गया है कि सचिव जुगुल श्रीवास द्वारा मनमानी तरीके से ग्राम पंचायत का कार्य किया जा रहा है एवं पंचायत कार्यालय में केवल ग्राम सभा के ही दिन ही आता है, बांकी दिन अपने घर के कामकाज में व्यस्त रहता है। जिसके वजह से कार्यालय में हमेशा ताला लगा रहता है। पंचायत के किसी भी व्यक्ति को जाति निवास या कुछ जरूरी काम पड़ता है तो चार से पांच दिन उसके घर का चक्कर लगाना पड़ता है, फोन लगाने पर फोन नही उठाता है। सचिव के द्वारा आय और व्यय शासन की योजनाओं के बारे में संतुष्टि जनक जानकारी नही दी जाती है। सचिव के द्वारा पंचायत में जितना भी कार्य किया गया है, सभी कार्य गुणवत्ता विहीन है, ग्रामवासी एवं पंच लोगों के बोलने पर जनपद से जिला स्तर तक पैसा देकर काम लाया हूँ, मेरा जैसा मन होगा वैसा कार्य करवाऊंगा और आप लोगों को जहां शिकायत करना है वहां शिकायत कर लो, सचिव द्वारा बोला जाता है। सचिव के इस प्रकार के रवैये से हमे लगता है कि हमारे ग्राम पंचायत में पंचों की कोई आवश्यकता नही है। इनके कार्यशैली की वजह से हमारे ग्राम पंचायत को मूलभूत सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है। हमारे ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती प्रमिला पैकरा पहली बार सरपंच बनके आयी है, अभी उनको पंचायती कार्य की जानकारी नही है, उनकी इस सीधेपन का फायदा सचिव के द्वारा उठाया जा रहा है, जबकि सचिव के द्वारा सरपंच को सही मार्गदर्शन देना चाहिए। उल्लेखित शिकायतपत्र कलेक्टर को देकर पंच, सरपंच व ग्रामीणों ने सचिव जुगुल श्रीवास को तत्काल हटाने, उनके कार्यकाल के कामों की जांच और दूसरे जिम्मेदार सचिव को पदस्थ करने मांग की गई है।
बीते पंचवर्षीय मूलभूत, 14वें, 15वें वित्त की राशि मे लाखों का किया वारा- न्यारा
बता दें कि सचिव जुगुल श्रीवास ग्राम पंचायत डोंड़की में वर्षों से पदस्थ है। बीते पंचवर्षीय कार्यकाल में इन्होंने तात्कालीन सरपंच के सीधेपन का फायदा उठाकर मूलभूत मद और 14वें, 15वें वित्त आयोग की राशि मे लाखों का वारा- न्यारा ग्राम विकास व मूलभूत सुविधा मुहैया कराने के नाम पर किया। सचिव जुगुल के मनमाने कार्यरवैये व अनियमितता मामले की शिकायत के बाद इन्हें अन्यंत्र दूरस्थ पंचायत में स्थानांतरित कर दिया गया था, जहां कुछ माह कार्य करने बाद पुनः अपना पदस्थापना डोंड़की पंचायत कराने में सफल रहे तथा फिर अपनी मनमानी को अंजाम देने लगे। जहां इनके कार्यप्रणाली को लेकर दोबारा शिकायत हुई है।




















