कोरबा में इन दिनों एक नई “सिस्टम अपडेट” लागू होती दिख रही है —
👉 कागजों में कबाड़ कारोबार पूरी तरह बंद
👉 जमीन पर चोरी का धंधा फुल स्पीड में चालू
पुलिस अधीक्षक की सख्ती, गोदामों की सीलिंग और लगातार कार्रवाई के बावजूद कबाड़ चोर ऐसे सक्रिय हैं जैसे उन्हें किसी का डर ही नहीं।
कुछ दिन पहले चोरों ने ऐसा कारनामा किया कि लोग देखते रह गए — लोहे का पूरा पुल ही काटकर ले गए।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक कबाड़ कारोबारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया… लगा कि अब शायद हालात सुधरेंगे।
लेकिन कहानी में ट्विस्ट यहीं से शुरू होता है 😏
अब फिर एक “नया नूर” नाम चर्चा में आ रहा है, जो कथित तौर पर अपने साथियों का ग्रुप बनाकर काम कर रहा है।
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चोरी का सिलसिला ऐसे जारी है जैसे कोई “नाइट शिफ्ट कंपनी” चल रही हो।
और अब तो हद ही हो गई —
कबाड़ धंधे से जुड़े कुछ लोग पत्रकारों को ही चेतावनी दे रहे हैं:
👉 “हमारी गाड़ी पकड़ी या पुलिस में शिकायत की, तो तुम्हें ही झूठे ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली केस में फंसा देंगे!”
यानी अब हालात कुछ ऐसे हैं:
चोरी भी जारी…
धमकी भी जारी…
और सिस्टम अभी भी “एक्शन मोड” में होने का इंतजार कर रहा है।
स्थानीय लोग तंज कसते हुए कहते हैं —
“कोरबा में कानून से ज्यादा मजबूत अब चोरों का नेटवर्क हो गया है।”
अब देखना ये है कि:
📌 पुलिस की सख्ती असर दिखाती है
या
📌 कबाड़ चोरों का ‘कॉन्फिडेंस’ ही नया कानून बन जाता है…
सूत्रों के मुताबिक, जल्द ही कबाड़ चोरी से जुड़ा एक वीडियो सामने आ सकता है, जो कई बड़े खुलासे कर सकता है…





















