कोरबा
एसईसीएल गेवरा खदान में रविवार की दोपहर रेल साइडिंग पर खड़ी मालगाड़ी से टकराकर लोडर पलट गई। इस दुर्घटना में लोडर ऑपरेटर की वाहन में दबकर मौत हो गई। इससे रेल साइडिंग पर कोल डिस्पैच प्रभावित रहा। क्रेन के सहारे लोडर को उठाकर वाहन में दबे चालक का शव बाहर निकाला गया।
सूचना पर दीपका थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अक्टूबर में ही बीते 18 दिनों में माइंस हादसे की एसईसीएल में तीसरी घटना है। खदान के रेल साइडिंग पर खड़ी मालगाड़ी में लोडर से कोयला लोड किया जा रहा था। इस दौरान मालगाड़ी से टकराकर लोडर पलट गई। मृतक निजी कंपनी में कार्यरत था। हादसे की सूचना पर एसईसीएल के अधिकारी व दीपका पुलिस की टीम पहुंची। किसी तरह ऑपरेटर का शव बाहर निकाला गया। गेवरा माइंस में हुए हादसे के संबंध में यह भी बताया गया कि कोयला लोडिग के दौरान साइडिंग पर खड़ी मालगाड़ी आगे की ओर बढ़ गई, इस कारण लोडर से मालगाड़ी की भिड़ंत हुई और अनियंत्रित होकर लोडर पलट गई। दीपका पुलिस ने बताया कि इस दुर्घटना में लोडर ऑपरेटर बायपास कोरबा निवासी जमुना प्रसाद की मौत हुई है। मामले की जांच के बाद ही घटना की वजह स्पष्ट हो पाएगी। फिलहाल, वैधानिक कार्रवाई पूरी करने मृतक के परिजन को सूचना देकर दीपका बुलाया गया है।
कोयला उत्पादन और डिस्पैच का दबाव बढ़ा 212 मिलियन टन सालाना लक्ष्य हासिल करने अब एसईसीएल के पास 6 महीने से कम का समय रह गया है। इससे खदानों से कोयला उत्पादन व डिस्पैच का दबाव बढ़ गया है। इस बीच गेवरा खदान में हादसे सामने आए हैं। इसके पूर्व 9 अक्टूबर को तेज रफ्तार ट्रेलर गेवरा खदान में रोड किनारे बर्म को तोड़ते हुए आगे बढ़ गई थी। इस दुर्घटना में चालक के जान बचाने वाहन से कूदने पर पहियों के नीचे आने से मौत हो गई थी। 15 अक्टूबर को आईओसीएल की दीपका खदान में आई बारूद गाड़ी का टायर फट गया था। इस दुर्घटना में आईओसीएल में नियोजित ठेका कंपनी के कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया था।


