कोरबा। कोरबा जिले में एक ऐसा भी पंचायत है जहां राशन दुकान संचालक की मनमानी से खुलता और बंद होता है। और अगर खुलता भी है तो दबंगो के ईशारों में। ग्रामीणों की माने तो फरवरी 28 का दिन होता है। फरवरी में किसी भी हितग्राहियों को राशन मिला ही नहीं। इस ओर ना तो सरपंच ध्यान दे रहे है और ना उप सरपंच।
उक्त पुरा मामला कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा के बंजारी ग्राम पंचायत की बताई जा रही है। हितग्राहियों ने जानकारी देते हुए बताएं की इस पंचायत में कई महिनों से राशन का वितरण नहीं किया जा रहा है। राशन आने के बावजूद भी ग्रामीणों को राशन से वंचित होना पड़ रहा है। आपको यह भी बता दे कि ग्रामीणों ने इसकी जानकारी सरपंच को भी दी, मगर उसके बावजूद भी किसी भी प्रकार की सुनवाई नहीं हुई। अब तो यह हालत हो चुका है सरपंच भी ग्रामीणों का फोन उठाना मुनासिब नहीं समझ रहे है। सोचनीय पहलू यह भी है कि की राशन दुकान आखिरकार गुपचुप तरीके से खोलकर पहंुच वाले लोगो को देने का भी आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। प्रशासनीक अमला इस ओर ध्यान क्यों नहीं दे रहा है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि अगर प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं देता है तो जिला प्रशासन से लिखित में शिकायत करने की बात कहीं है।
महिला समुह को संचालन करने का है आदेश मगर कर कोई और रहा है।
इस पंचायत में मनमानी कहे या लाफरवाही वो भी कम है। ज्ञात हो कि पोड़ी-उपरोड़ा के ग्राम पंचायत बंजारी में प्रशासन के नियम व प्रशासनीक अमले को दरकिनार करते हुए बंजारी में राशन दुकान की संचालन की जा रही है। जो समय में ना खुलता है और जब खुलता भी है तो चुनिन्दा लोग जो सरपंच और राशन दुकान के संचालन के करीबी है उन्हें देकर दुकान को बंद कर दिया जा रहा है। बंजारी के हितग्राहियों ने यह भी बताएं की बंजारी के राशन दुकान को महिला समुह को संचालित करने को दिया गया था, मगर यहां महिला समुह के नाम से कोई और संचालन करते हुए अपने मनमानी तरीके से संचालन कर रहा है। जो जांच का विषय है।





















