कोरबा जिले में इस बार उचित मूल्य की दुकानों में चावल का भंडारण नहीं होने से वितरण व्यवस्था गड़बड़ा गई है।
फरवरी का चावल 20 दिन गुजरने के बाद भी नहीं मिल रहा है। करीब 100 दुकानों में तो चावल पहुंचा ही नहीं है। इस वजह से राशनकार्डधारियों को भटकना पड़ रहा है। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में 553 राशन दुकानें हैं, जहां से करीब 3 लाख 57 हजार राशनकार्डधारियों को चावल के साथ चना, शक्कर और नमक का वितरण किया जाता है।
इसके लिए एक महीने पहले से ही दुकानों में भंडारण शुरू हो जाता है। चावल में फोर्टिफाइड चावल मिलकर ही वितरण होता है। इसका टेंडर समय पर नहीं होने के कारण ही मिलरों ने नान के गोदामों में चावल का भंडारण ही नहीं किया। कई दुकानों में तो आधे हितग्राहियों को ही चावल मिल पाया। राशन कार्ड में अब महीने के भीतर ही चावल लेना पड़ता है।
महीना गुजरने के बाद अपने आप ही लैप्स हो जाता है। इस वजह से भी लोगों की चिंता बढ़ी हुई है। राशन वितरण के लिए हर महीने करीब 1 लाख 20 हजार क्विंटल चावल की जरूरत होती है। इनमें से आधे से भी काम चावल का भंडारण हुआ था। ^गोदामों में चावल देरी से पहुंचा। इसकी वजह से ही दुकानों में भंडारण नहीं हो पाया। दो दिन के भीतर सभी दुकानों में चावल का भंडारण कर लिया जाएगा। वितरण व्यवस्था पर निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, ताकि लोगों को परेशानी न हो। जीएस कंवर, खाद्य अधिकारी





















