कोरबा। दुरपा बस्ती कुसमुंडा निवासी मोहम्मद कादिर खान को 6 माह के सश्रम कारावास की सजा से न्यायालय द्वारा दण्डित किया गया है। आरोपी ने अपने बचाव में कई तर्क दिए किन्तु कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। परिवादी की ओर से अधिवक्ता एस.व्ही. उपाध्याय द्वारा मजबूत पैरवी की गई। आरोपी पक्ष से अधिवक्ता कमलेश साहू ने पैरवी की।
मामला इस प्रकार है कि परिवादी की एक व्यवसायिक फर्म मेसर्स आर्या टायर्स के नाम से स्थित है, जिसकी वह एकमात्र प्रोपराइटर है। उक्त व्यवसायिक प्रतिष्ठान में सभी प्रकार के वाहनों के टायरों का विक्रय किया जाता है। अभियुक्त पेशे से ट्रांसपोर्टर है। अभियुक्त और परिवादी के पति का मधुर संबंध है व पूर्व में भी परिवादिनी के व्यवसायिक प्रतिष्ठान से टायर क्रय किया है। अभियुक्त मो. कादिर 09 अगस्त 2017 को परिवादी के दुकान आया और 5 नग टायर कुल कीमती 88600 रूपए उधार में क्रय किया गया और बिल लिया गया जिसमें पिछली उधारी 300 रूपए और अंकित थी। इस प्रकार कुल 88900 रूपए परिवादी को अभियुक्त से प्राप्त करना था। कादिर खान के द्वारा राशि का भुगतान नहीं किया गया। परिवादी तथा उसके पति के द्वारा कई बार अभियुक्त के घर जाकर बकाया राशि की मांग किया गया लेकिन नहीं दिया।
0 उधार दिया नहीं,नगद और ले गया
07 जून 2019 को कादिर, परिवादी के पास आया और कहा कि रकम की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए टायरों के मूल्य का भुगतान नहीं कर पाया। कादिर ने बताया कि वह ट्रक की मरम्मत करा रहा है, जिसके भुगतान हेतु नगद रकम की आवश्यकता है।
कादिर ने कहा कि बकाया राशि 88900 रुपये है, यदि परिवादी 11100 रुपये नगद उसे दे तो वह तत्काल चेक 1,00,000 रुपए का दे देगा, जिसे बैंक में प्रस्तुत करने पर उसका भुगतान परिवादी को प्राप्त हो जावेगा। परिवादी ने देखा कि लगभग दो वर्ष से टायरों का मूल्य प्राप्त नहीं हो पाया है, तब अपने पति की सहमति से अभियुक्त को 11100 नगद राशि देकर चेक प्राप्त किया जो भारतीय स्टेट बैंक शाखा कुसमुंडा का था। उक्त चेक को 15 जून 2019 के पश्चात बैंक में प्रस्तुत करने पर भुगतान आवश्यक रूप से प्राप्त होने का भरोसा दिया था।
यह चेक 19 जून 2019 को अभियुक्त कादिर के खाते में अपर्याप्त राशि होने के कारण अनादरित हो गया। इसके बाद 16 जुलाई 2019 को अभियुक्त को विधिक सूचना पत्र भेजा गया जो 19 जुलाई 2019 को अभियुक्त को प्राप्त हो गया। विधिक सूचना पत्र में दी गई परिपालन अवधि 15 दिवस के व्यतीत होने के उपरांत भी अभियुक्त द्वारा परिवादी को दिये गये चेक में वर्णित राशि का भुगतान नहीं किया गया। अंततःआरोपी के विरूद्ध परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत कार्रवाई हेतु परिवाद पेश किया गया।
0 सुनाई गई यह सजा
प्रकरण के तथ्य व परिस्थितियों के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती सोनी तिवारी ने आरोपी मोहम्मद कादिर खान, पिता मोहम्मद नूर, 37 वर्ष निवासी दुरपा बस्ती डाक घर के सामने दुरपा रोड कुसमुण्डा को 06 माह का सश्रम कारावास की सजा से दण्डित किया है। साथ ही आदेश दिया गया है कि आरोपी परिवादी को इस निर्णय के एक माह के भीतर प्रतिकर की राशि अंतर्गत धारा 357 (3) दप्रसं. के अनुसार 1,60,000/- (अक्षरी एक लाख साठ हजार रूपये) प्रदान करे। यह राशि एक माह के भीतर भुगतान करने में चूक करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास का दण्ड भुगतना होगा।
0 उधार दिया नहीं,नगद और ले गया
07 जून 2019 को कादिर, परिवादी के पास आया और कहा कि रकम की व्यवस्था नहीं थी, इसलिए टायरों के मूल्य का भुगतान नहीं कर पाया। कादिर ने बताया कि वह ट्रक की मरम्मत करा रहा है, जिसके भुगतान हेतु नगद रकम की आवश्यकता है।
कादिर ने कहा कि बकाया राशि 88900 रुपये है, यदि परिवादी 11100 रुपये नगद उसे दे तो वह तत्काल चेक 1,00,000 रुपए का दे देगा, जिसे बैंक में प्रस्तुत करने पर उसका भुगतान परिवादी को प्राप्त हो जावेगा। परिवादी ने देखा कि लगभग दो वर्ष से टायरों का मूल्य प्राप्त नहीं हो पाया है, तब अपने पति की सहमति से अभियुक्त को 11100 नगद राशि देकर चेक प्राप्त किया जो भारतीय स्टेट बैंक शाखा कुसमुंडा का था। उक्त चेक को 15 जून 2019 के पश्चात बैंक में प्रस्तुत करने पर भुगतान आवश्यक रूप से प्राप्त होने का भरोसा दिया था।
यह चेक 19 जून 2019 को अभियुक्त कादिर के खाते में अपर्याप्त राशि होने के कारण अनादरित हो गया। इसके बाद 16 जुलाई 2019 को अभियुक्त को विधिक सूचना पत्र भेजा गया जो 19 जुलाई 2019 को अभियुक्त को प्राप्त हो गया। विधिक सूचना पत्र में दी गई परिपालन अवधि 15 दिवस के व्यतीत होने के उपरांत भी अभियुक्त द्वारा परिवादी को दिये गये चेक में वर्णित राशि का भुगतान नहीं किया गया। अंततःआरोपी के विरूद्ध परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत कार्रवाई हेतु परिवाद पेश किया गया।
0 सुनाई गई यह सजा
प्रकरण के तथ्य व परिस्थितियों के अनुसार न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती सोनी तिवारी ने आरोपी मोहम्मद कादिर खान, पिता मोहम्मद नूर, 37 वर्ष निवासी दुरपा बस्ती डाक घर के सामने दुरपा रोड कुसमुण्डा को 06 माह का सश्रम कारावास की सजा से दण्डित किया है। साथ ही आदेश दिया गया है कि आरोपी परिवादी को इस निर्णय के एक माह के भीतर प्रतिकर की राशि अंतर्गत धारा 357 (3) दप्रसं. के अनुसार 1,60,000/- (अक्षरी एक लाख साठ हजार रूपये) प्रदान करे। यह राशि एक माह के भीतर भुगतान करने में चूक करने पर आरोपी को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास का दण्ड भुगतना होगा।

