कोरबा, 28 अगस्त 2025। कोरबा जिले का घंटाघर आज सरकार की नीतियों के खिलाफ गुस्से का गवाह बना। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) स्टाफ और मितानिन कार्यकर्ताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए हड़ताल की। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से अनुकंपा नियुक्ति पर काम कर रहे स्टाफ को स्थायी करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए।
हड़ताल की खासियत यह रही कि कर्मचारियों ने प्रदर्शन को सामाजिक सेवा से भी जोड़ा और रक्तदान शिविर आयोजित किया। बड़ी संख्या में NHM स्टाफ और मितानिन बहनों ने रक्तदान कर यह संदेश दिया कि वे सिर्फ अपने हक की लड़ाई ही नहीं, बल्कि समाज की सेवा के लिए भी समर्पित हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप :
सरकार सिर्फ आश्वासन देती है, लेकिन अमल नहीं करती।
संविदा और अनुकंपा नियुक्त कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय बना हुआ है।
मितानिन बहनों को आज भी स्थायी मान्यता और उचित मानदेय से वंचित रखा गया है।
हड़ताल का असर जिला अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्रों पर साफ दिखा, जिससे आम जनता को परेशानी उठानी पड़ी। आंदोलनकारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं, तो आने वाले दिनों में और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
स्थानीय नागरिकों ने कर्मचारियों के इस दोहरे संदेश (हक की लड़ाई + समाज सेवा) की सराहना की और कहा कि सरकार को अब उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
👉 कोरबा जिले से S.N INDIA NEWS की खबर


