कोरबा, 17 अक्टूबर 2025। जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ब्लड यूनिट की लापरवाही का मामला सामने आया है। कुसमुंडा निवासी खमर सिंह गोड़ अपनी सिकल सेल पीड़ित बच्ची को खून की कमी के कारण अस्पताल लाए थे।
डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि बच्ची के शरीर में केवल 5 ग्राम हीमोग्लोबिन बचा है और तुरंत ब्लड चढ़ाने की आवश्यकता है। परिजनों के अनुसार, जब ब्लड सैंपल की जांच की गई, तो लैब रिपोर्ट में बच्ची का ब्लड ग्रुप AB पॉजिटिव लिखा गया, जबकि बच्ची का वास्तविक ब्लड ग्रुप B पॉजिटिव था।
परिजनों ने आपत्ति जताई और पुनः जांच की मांग की। दोबारा जांच करने पर बच्ची का ब्लड ग्रुप सही रूप से B पॉजिटिव पाया गया।
खमर सिंह गोड़ ने मीडिया से कहा, “अगर हमने समय पर ध्यान नहीं दिया होता, तो मेरी बच्ची की जान खतरे में पड़ सकती थी। इतनी गंभीर बीमारी में गलत ब्लड रिपोर्ट देना बहुत बड़ी लापरवाही है।”


