कोरबा ब्लॉक के ग्राम पंचायत बगबुडा में सड़क निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ ही दिनों पहले शुरू हुआ सड़क निर्माण कार्य अब सवालों के घेरे में है, क्योंकि सड़क अभी पूरी भी नहीं बनी है और एक तरफ से दरारें पड़ना शुरू हो गई हैं। सड़क के किनारों पर जगह-जगह मिट्टी धंसने और दरारें आने से लोगों में नाराज़गी साफ देखी जा सकती है।
ग्रामीणों ने बताया कि यह सड़क विधायक मद से बन रही है, जिसका उद्देश्य गांव में आवागमन को सुगम बनाना था। लेकिन निर्माण कार्य की स्थिति देखकर ऐसा लगता है कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों ने लापरवाही बरती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। सड़क की नींव सही ढंग से नहीं भरी गई और डामर का लेप भी अधूरा छोड़ा गया है, जिससे कुछ ही दिनों में दरारें उभर आईं।


ग्रामीणों ने बताया कि निर्माण स्थल पर न तो कोई अभियंता मौजूद रहता है और न ही कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है। काम चलाने के नाम पर ठेकेदार मनमर्जी से काम कर रहा है। वहीं, जब इस मामले में ग्राम पंचायत के सरपंच और जनपद सदस्य से बात की गई तो उन्होंने गोलमोल जवाब देकर मामले से किनारा कर लिया। सरपंच का कहना था कि सड़क निर्माण विधायक मद से हो रहा है, इसलिए उसकी सीधी जिम्मेदारी पंचायत पर नहीं आती, जबकि जनपद सदस्य ने कहा कि उन्हें निर्माण की जानकारी तो है, लेकिन गुणवत्ता की जिम्मेदारी विभाग की है।
इन जवाबों से ग्रामीण और अधिक नाराज़ हैं। उनका कहना है कि जब सड़क गांव के बीच बन रही है तो पंचायत और जनपद सदस्य को इसकी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटना चाहिए। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात से पहले ही सड़क की ऐसी हालत होना यह साबित करता है कि निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएँ बरती गई हैं। अगर अभी जांच नहीं की गई तो कुछ ही महीनों में सड़क पूरी तरह टूट जाएगी और सरकारी धन व्यर्थ चला जाएगा।
गांव के बुजुर्ग निवासी ने कहा — “हम लोग सालों से इस सड़क की मांग कर रहे थे। अब जब बनी भी नहीं है तो टूटने लगी। ऐसा लगता है कि यह सड़क सिर्फ कागज़ों में टिकेगी, ज़मीन पर नहीं।”
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क निर्माण कार्य की तुरंत तकनीकी जांच करवाई जाए और जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे सामूहिक रूप से सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बगबुडा गांव की यह स्थिति स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। यदि समय रहते जांच और सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो यह सड़क परियोजना एक और अधूरी योजना बनकर रह जाएगी, जिससे गांव के लोगों का भरोसा शासन-प्रशासन से पूरी तरह उठ सकता है। जितेंद्र दास की रिपोर्ट



















