कोरबा/मानिकपुर। कोरबा जिले के ग्राम दादरखुर्द, क्षेत्र मानिकपुर स्थित पेंटिकॉस्टल ईवैजेलिकल चर्च में पिछले कई माह से चल रहा विवाद अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। चर्च के मौजूदा पास्टर भीम चंदा और स्वयं को पास्टर घोषित कर चुकी शगुना बर्मन के बीच अधिकार और प्रबंधन को लेकर उत्पन्न विवाद सोमवार को कलेक्टर कार्यालय तक पहुँच गया।
विश्वासियों के एक बड़े समूह—लगभग 250 प्रार्थनार्थियों—ने कलेक्ट्रेट सभा गृह में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आवेदन देकर शिकायत की कि शगुना बर्मन द्वारा चर्च पर अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास, मारपीट, प्रार्थना सभा में बाधा डालने और चर्च परिसर में ताला बंदी जैसी गतिविधियाँ की जा रही हैं।
2013 से सेवा दे रहे पास्टर को हटाने का आरोप
आवेदन में शामिल ग्रामीणों और चर्च सदस्यों ने बताया कि पास्टर भीम चंदा वर्ष 2013 से लगातार चर्च में प्रार्थना सेवा का संचालन कर रहे हैं। लेकिन हाल ही में शगुना बर्मन नामक महिला द्वारा स्वयं को पास्टर घोषित करते हुए भीम चंदा को हटाने और चर्च पर नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है।

विश्वासियों का आरोप है कि शगुना बर्मन न केवल चर्च प्रबंधन में हस्तक्षेप कर रही हैं, बल्कि प्रार्थना में शामिल होने वाले लोगों को धमकाया जा रहा है तथा कई बार उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की घटनाएँ भी हुई हैं।

‘चर्च में जबरन ताला लगाकर रोक दी गई प्रार्थना’
विश्वासियों ने कहा कि वे हर रविवार और अन्य विशेष अवसरों पर नियमित प्रार्थना के लिए चर्च आते हैं, परंतु पिछले दिनों शगुना बर्मन और उनके समर्थकों द्वारा चर्च भवन को अवैध रूप से ताला लगाकर बंद कर दिया गया, जिससे 250 से अधिक श्रद्धालु प्रार्थना नहीं कर पाए।
इस अवरोध के कारण लोगों में भारी असंतोष है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यह उनका धार्मिक अधिकार है और किसी भी व्यक्ति को इसे बाधित करने का अधिकार नहीं है।
कलेक्टर से कार्रवाई की मांग
जनदर्शन में जमा किए गए आवेदन में पीड़ितों ने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि:
शगुना बर्मन एवं सहयोगियों पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज की जाए
चर्च में लगाए गए अवैध ताले को हटाया जाए
पास्टर भीम चंदा को पूर्ववत प्रार्थना सेवा संचालित करने की अनुमति दी जाए
विवाद बढ़ने की स्थिति में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन हस्तक्षेप करे
विश्वासियों का कहना है कि विवाद लगातार बढ़ रहा है और इससे आपसी शांति और धार्मिक स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।
प्रशासन ने लिया आवेदन, जल्द होगी जांच
जनदर्शन में मौजूद अधिकारियों ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए आवेदन स्वीकार कर लिया है और मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। अधिकारियों का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, शगुना बर्मन की ओर से इस पूरे मामले पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों में गहरा असंतोष
चर्च से जुड़े लोगों का कहना है कि यह विवाद केवल व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा का परिणाम है, लेकिन इसका खामियाजा आम श्रद्धालुओं को भुगतना पड़ रहा है। नियमित प्रार्थना बाधित होने से लोग मानसिक और आध्यात्मिक रूप से परेशान हैं


















