छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के तुर्काडीह में प्राकृतिक संसाधनों की लूट इस कदर मची है कि शहर से लगे तुर्काडीह के ग्रामीणों ने लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से परेशान होकर रेतघाट जाने वाले रास्ते पर पांच फिट गहरा गड्ढा खोद दिया है। लगातार शिकायत के बाद भी रेत माफिया के हौसले बुलंद थे।
| रेत चोरी से परेशान हो चुके हैं तुर्काडीह के ग्रामीण, शिकायत के बाद भी तस्करी जोरों पर
| सरपंच ने कहा- दिन-रात हो रही रेत चोरी, खनिज विभाग की कार्रवाई सुस्त
बिलासपुर छत्तीसगढ़ // तुर्काडीह में प्राकृतिक संसाधनों की लूट इस कदर मची है कि शहर से लगे तुर्काडीह के ग्रामीणों ने लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से परेशान होकर रेतघाट जाने वाले रास्ते पर पांच फिट गहरा गड्डा खोद दिया है। लगातार शिकायत के बाद भी रेत माफिया के हौसले बुलंद थे। खनिज विभाग की भी लगातार अनदेखी और सुस्त कार्रवाई से तंग आकर अब ग्रामीणों ने खुद ही सिस्टम को सुधारने का बीड़ा उठाते हुए यह कदम उठाया है। तुर्काडीह ग्राम पंचायत के सरपंच व ग्रामीणों ने रेत चोरी रोकने के लिए एक अनोखा लेकिन कारगर रास्ता खोज निकाला है।
ग्रामीणों ने रेत परिवहन के मुख्य मार्ग पर पांच फिट गहरा और कई फिट चौड़ा गड्डा खोद दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने यह कदम आत्मरक्षा और गांव की संपत्ति बचाने के लिए उठाया है। पिछले कई महीनों से तुर्काडीह के तटीय इलाकों से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है। भारी-भरकम मशीनों और ट्रैक्टरों के शोर से उनकी रात की नींद हराम हो गई है। शिकायतों का अंबार लगने के बाद भी जब खनिज विभाग के कानों पर जूं नहीं रेंगी, तब ग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर बैठक बुलाई और सर्वसम्मति से रास्ता रोकने का निर्णय लिया।
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