कोरबा जिला
पुरुषोत्तम साहू की रिपोर्ट
जिले के अजगर बहार क्षेत्र के ग्राम पंचायत माखुर पानी में चल रहे भवन निर्माण कार्य में लगे मजदूरों से लिए जा रहे बिना सुरक्षा संसाधनों के काम काम करने वाले मजदूरों ने यह बताया कि हमें दस्ताने जूते मिले हैं लेकिन किसी के हाथों में ना तो दस्ताने थे ना ही किसी के पैरों में जुते बिना सुरक्षा संसाधनों के काम ले रहे सरपंच सरपंच उसे कार्यस्थल पर उपस्थित तो नहीं थे किंतु वहां काम कर रहे हैं मजदूरों ने यह बताया कि सरपंच साहब सवेरे आए थे और काम देखकर कर चले गए हैं मजदूरों ने सरपंच को बचाते हुए कहा कि हमें दस्ताने जूते मिले हैं क्या दस्ताने जूट मील होते तो या मजदूर पहन कर नहीं आते हमने मजदूरों से जाना की वहां काम करने के दौरान उनके हाथ चोटिल भी हो जाते हैं लेकिन उन्हें दास्ताना दिया ही नहीं गया तो लगाएंगे कहां से की जूते ही नहीं मिले तो पहनेंगे कहां से तो तमाम क्षेत्रों में देखने को मिलता है कि सरपंच ही ठेकेदार सरपंच ही इंजीनियर और सरपंच ही सुपरवाइजर बन जाते हैं तो क्या तमाम जिम्मेदारी इन सरपंचों से निभाई जा सकती है जो मजदूरों को सुरक्षा संसाधन तक मुहैया नहीं कर पा रहे हैं



