कोरबा में चोरी के कबाड़ की अवैध खरीद-फरोख्त से जुड़े बहुचर्चित मामले में फरार चल रहे आरोपी मुकेश उर्फ बरबट्टी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी और उस पर इनाम भी घोषित किया गया था।
मुकेश उर्फ बरबट्टी पर चोरी के माल की अवैध खरीद-फरोख्त में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप है। यह मामला संगठित कबाड़ चोरी के एक बड़े नेटवर्क से संबंधित है, जिसमें शहर और आसपास के क्षेत्रों से लोहे का कबाड़, रेल सामग्री और अन्य कीमती सामान चोरी किया गया था। पुलिस जांच में सामने आया था कि चोरी के इस माल को ठिकाने लगाने में मुकेश की अहम भूमिका थी।

इस मामले में पुलिस पहले ही कई अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है और उनके कब्जे से चोरी का सामान भी जब्त किया गया है। पूछताछ के दौरान मुकेश उर्फ बरबट्टी का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर सामने आया था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी।
न्यायालय में आत्मसमर्पण के बाद अब पुलिस को मुकेश से गहन पूछताछ की अनुमति मिलने की संभावना है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में कबाड़ के अवैध कारोबार से जुड़े कई और बड़े नामों का खुलासा हो सकता है, जिससे चोरी के पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि आरोपी मुकेश साहू उर्फ बरबट्टी के खिलाफ वारंट जारी किया गया था। उसे गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
सीएसपी ने यह भी बताया कि उसके खिलाफ पुराने मामले भी लंबित हैं, जिनकी पेशी चल रही है। वर्तमान में वह पुल चोरी के मामले में मुख्य आरोपी था, जिसमें पुलिस आगे वैधानिक कार्रवाई करेगी।




















