कोरबा/पाली:- बीते वर्ष से नगर पेशेवर चोर गिरोह के निशाने पर है। पहले हुई चोरियों से अबतक पर्दा नही हटा है और चोरों ने फिर अपनी सक्रियता दिखाते हुए बीते रात दो घरों में सेंध लगा बेखौफ एक घर से नगदी रकम तो दूसरे घर से कीमती बर्तन सामानों पर हाथ साफ करते हुए गायब हो गए। पूर्व और वर्तमान चोरी की वारदातों ने नगरवासियों को दहशत में डाल दिया है। लोगों ने पुलिस के रात्रि गश्त व पेट्रोलिंग पर भी सवाल उठाए है।
पाली नगर के वार्ड क्रमांक- 01, अटल चौक के समीप मनीष किराना दुकान के पास एसईसीएल कर्मी सोमेश चौबे निवासरत है। वारदात के समय सोमेश का परिवार पारिवारिक कार्य से बाहर गया हुआ था। अज्ञात चोरों ने इस सूनेपन का फायदा उठाकर बीते रात्रि घर का ताला तोड़ भीतर प्रवेश किया और आलमारी में रखे नगदी 45 हजार पर हाथ साफ किया। चोरों ने इस चोरी के दौरान घर के अन्य तीन कमरों में रह रहे किराएदारों के कमरों का मुख्य दरवाजा बाहर से बंद कर दिया, ताकि चोरी करते समय किसी प्रकार का हस्तक्षेप न हो। इसके बाद चोरों ने सामने निवास करने वाले एक शिक्षक वीरसिंह कंवर के घर का ताला तोड़ भीतर रखे कीमती पीतल सहित अन्य धातु के बर्तनों को लेकर गायब हो गए और जाते- जाते जरूरी कागजात व अन्य छोटे- मोटे सामान एक खेत मे फेंक गए। घटना की शिकायत पुलिस में की गई है, जहां चोरी के इस मामले को जांच में लिया गया है। वारदात को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश मिश्रित भय का माहौल है, उनका कहना है कि पुलिस नगर क्षेत्र का नियमित रात्रि गश्त व पेट्रोलिंग नही करती, जब चोरी की घटनाएं होती है तब कुछ रात्रि पुलिस सायरन की आवाज गली- मोहल्लों में सुनाई देती है, जिसके बाद रात्रि गश्त व पेट्रोलिंग का अता- पता नही चलता। यही कारण है कि शातिर सेंधमार बेखौफ हो जाते है और अपने मंसूबे को अंजाम देते है।
अनेकों चोरी के वारदातें अबतक अनसुलझे
पूर्व में हुए चोरी की घटनाएं एवं वर्तमान चोरी की वारदात को लेकर नगर के व्यापारिक संस्थाओं व पारिवारिक घरों में तनाव और डर का माहौल है। पूर्व की चोरियों को पुलिस सुलझाने में नाकाम रही है, वहीं वर्तमान दो घरों में हुई चोरी ने पुलिस की सिरदर्दी को बढ़ा दी है। पहले हुई चोरी के सभी घटनाओं की शिकायतें लिखी गई, लेकिन पुलिस के हाथ इस मामले में अबतक खाली है और अज्ञात चोरों का कोई पता सुराग नही लग पाया है। बहरहाल पाली नगर का रिहायशी इलाका चोरों के निशाने पर पुनः आ गया है, जिन अज्ञात चोरों का पर्दाफाश नही हुआ तो आगे पुलिस के लिए यह परेशानी का कारण बन सकता है।


