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तालाब खोदकर सड़क निर्माण! नियमों की खुलेआम धज्जियां
कोरबा- जिले के बरपाली तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों अवैध ईंट निर्माण और परिवहन का बड़ा खेल खुलेआम संचालित हो रहा है। ग्राम कचोरा, नाका, कराईनारा और गिधौरी जैसे गांवों में दर्जनों स्थानों पर बिना अनुमति या अनुमति के ईंट भट्ठे संचालित हो रही है, जो कि जांच का विषय है।
इन भट्ठों से तैयार ईंटों का परिवहन मिनी हाईवा एवं ट्रैक्टरों के माध्यम से किया जा रहा है। कई वाहनों में नंबर प्लेट तक नहीं हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
गौरतलब है कि हाल ही में खनिज विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले में अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रेस विज्ञप्ति में यह भी कहा गया था कि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद बरपाली तहसील क्षेत्र में जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है।
ग्राम पंचायत गिधौरी के जोगीनगर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ईंट भट्ठा संचालित होते देखा गया। जब इस संबंध में जानकारी लेने पत्रकार मौके पर पहुंचे, तो भट्ठा संचालक ने दावा किया कि उसने चालान और रॉयल्टी जमा कर दी है। हालांकि जब उससे संबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा गया, तो उसने जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया। इससे यह सवाल खड़ा होता है कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध गतिविधियां चल रही हैं।
हालांकि संबंधित विभाग के अधिकारी द्वारा जांच के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो पाएगी।
तालाब खोदकर सड़क निर्माण! नियमों की खुलेआम धज्जियां
इसी क्षेत्र में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से गिधौरी से चारपारा तक लगभग 5 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कार्य भी जारी है। आरोप है कि इस निर्माण में गांव के तालाब से जेसीबी मशीन के जरिए अवैध रूप से मिट्टी निकालकर उपयोग किया जा रहा है।जब इस मामले में जानकारी लेने की कोशिश की गई, तो संबंधित लोगों ने जनपद सदस्य से संपर्क करने की बात कही, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। हैरानी की बात यह है कि गिधौरी ग्राम पंचायत की सरपंच को इस पूरे मामले की जानकारी तक नहीं है और न ही उनके द्वारा किसी प्रकार की एनओसी जारी की गई है।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जनप्रतिनिधियों और ठेकेदारों द्वारा नियमों को दरकिनार कर मनमानी की जा रही है?प्रशासन द्वारा आम नागरिकों से अवैध गतिविधियों की सूचना देने की अपील तो की गई है, लेकिन आरोप है कि सूचना देने के बावजूद संबंधित विभाग समय पर जांच करने में असक्षम साबित हो रहा है।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में कब तक ठोस कार्रवाई करता है या फिर यह अवैध कारोबार यूं ही फलता-फूलता रहेगा।



