कोरबा दिवाली का त्योहार हर परिवार के लिए उमंग और खुशियां लेकर आता है। रोशनी के पर्व पर घर की महिलाओं की अहम भूमिका होती है। इमरजेंसी ड्यूटी पर तैनात पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की महिला अधिकारी-कर्मचारी कर्तव्य के चलते त्योहार पर घर से दूर रहती हैं। वे जनता की सुरक्षा व स्वास्थ्य की जिम्मेदारी संभालती हैं, वहीं परिवार के सदस्य व बच्चे त्योहार पर उनकी राह तकते हैं। इन्हीं महिला पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों व स्वास्थ्य विभाग के स्टाफ नर्स ने चर्चा की।
सभी ने स्वीकारा कि त्योहार पर घर-परिवार से दूर रहना काफी खलता है, लेकिन उन्होंने कर्तव्य, परिवार और पर्व के बीच संतुलन बना लिया है। कर्तव्य की राह में परिवार का भरपूर सहयोग रहता है। सबके बाद त्योहार मनाने का मिलता है मौका: प्रतिभा डीएसपी हेडक्वार्टर प्रतिभा मरकाम के मुताबिक दिवाली के मौके पर जनसुरक्षा के लिए पुलिस विभाग में अधिकारी कर्मचारी ड्यूटी पर रहते हैं। महिला अधिकारी- कर्मचारियों की कमी घर पर महसूस होती है। ड्यूटी से जब लौटते हैं, तो लोग त्योहार मना चुके होते हैं। पुलिस परिवार सबके बाद त्योहार मनाता है, जो अलग खुशी देता है।
परिवार के सदस्य भी कर्तव्य के पालन में साथ देते हैं। स्वास्थ्य विभाग में 12 साल से सेवा दे रही स्टाफ नर्स प्रतिमा टोप्पो के मुताबिक तीज-त्योहार के दौरान भी अस्पताल में ड्यूटी करनी होती है। दिवाली के दौरान बर्न केस पहुंचने की संभावना के चलते इमरजेंसी ड्यूटी भी लगती है। ऐसे में परिवार से दूर मरीजों की सेवा का मौका मिलता है। कर्तव्य के बाद ही परिवार की जिम्मेदारी: सुषमा पाली थाने में पदस्थ आरक्षक सुषमा डहरिया 14 साल से पुलिस विभाग में सेवारत है। उन्होंने बताया कि उनकी 3 साल की बेटी के साथ भाभी के निधन के बाद उनके दो बच्चों की परवरिश कर रहीं हैं। त्योहार के दौरान बच्चे याद करते हैं। ड्यूटी से लौटने पर दोगुना त्योहार मनाने का वादा कर घर से जाना पड़ता है। विभाग आमजन की सुरक्षा के लिए है।


















