बालोद। जिले के राजोली क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। सामने आए वीडियो और तस्वीरों में कथित तौर पर शराब की बिक्री का मामला दिखाई दे रहा है। स्थानीय स्तर पर लगातार शिकायतों और कार्रवाई की मांग के बावजूद यदि यह कारोबार जारी है, तो यह जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है।
बताया जा रहा है कि पूर्व जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र चंद्राकर ने इससे पहले भी राजोली क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ आवाज उठाते हुए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की थी। इसके बावजूद क्षेत्र में कथित रूप से अवैध शराब का कारोबार पूरी तरह थमता नजर नहीं आ रहा है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शिकायत और कार्रवाई की मांग के बाद भी अवैध शराब की बिक्री पर रोक क्यों नहीं लग पा रही है? क्या जिम्मेदार विभाग को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर कार्रवाई के अभाव में अवैध कारोबार करने वालों के हौसले बुलंद हैं?
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में खुलेआम अवैध शराब की बिक्री हो रही है तो इसका असर युवाओं और ग्रामीण परिवारों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन से मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध शराब बिक्री में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि सामने आए वीडियो और पूर्व में की गई शिकायतों के बाद जिम्मेदार विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है।
मुख्य सवाल:
👉 शिकायत के बाद भी अवैध शराब बिक्री पर रोक क्यों नहीं?
👉 राजोली में आखिर किसके संरक्षण में चल रहा है कारोबार?
👉 जिम्मेदार विभाग कब करेगा ठोस कार्रवाई?











