‘मैं मरना पसंद करूंगा, डरपोक जज कहलवाना पसंद नहीं करूंगा। जब तक मैं अपने सिद्धांतों पर चलता हूं, तब तक सर्विस करूंगा, अन्यथा त्यागपत्र दे दूंगा। जब तक मैं जज की कुर्सी पर हूं तो फैसला लेने का अधिकार भी एकमात्र मेरा होगा मुझे पश्चिम के एक माफिया/गैंगस्टर द्वारा यह संदेश भी भिजवाया गया कि अभी तो सिर्फ पत्रावलियां हटवाई गई हैं, अगर मेरे पीछे पड़े तो जिले से बाहर ट्रांसफर करवा देंगे।’ मुजफ्फरनगर के अपर जिला और सत्र न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने एक अहम फैसले में यह बात लिखी है। उन्होंने दहेज हत्या के दोषी नदीम को फांसी की सजा सुनाई है।
माफिया-गैंगस्टर की धमकी मिली
जज दिवाकर पिछले पांच महीने में 10 चर्चित मामलों में 23 दोषियों को फांसी की सजा सुना चुके हैं। न्यायाधीश रवि कुमार दिवाकर ने फैसले में कहा है कि पश्चिम यूपी के माफिया, गैंगस्टरों ने उनसे संपर्क करके संदेश भिजवाया है कि उनके पीछे पड़ा तो वे कोर्ट बदलवा देंगे या जिले से बाहर ट्रांसफर करवा देंगे। उन्होंने कहा है कि, मैं मरना पसंद करूंगा, डरपोक जज कहलाना नहीं।



