कोरबा/पाली:- दीपावली त्योहार का मौसम करीब आते ही पाली क्षेत्र में जुए का कारोबार सिर उठाने लगा है। जहां ग्राम पोड़ी और नुनेरा में जुए के फड़ ने पांव पसार लिया है और जहां रोजाना लाखों के दांव लग रहे हैं। इस खेल के संचालनकर्ता इतने शातिर हैं कि कानून शिकंजे में फंसने से बचने के लिए रोजाना जगह बदल- बदलकर बावनपरी का फड़ सजवा रहे हैं। इसकी जानकारी पुलिस तक नही पहुँच पाई है।
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पोड़ी के नीमघाट और इसके आसपास के जंगली- सुनसान इलाके में रोजाना दोपहर 12 बजे से जुआ का फड़ सजता है। इस फड़ में केवल स्थानीय ही नही, बल्कि पाली, लाफा, सिल्ली सहित सीमावर्ती बिलासपुर जिले के रतनपुर तक के जुआरी अपनी किस्मत आजमाने पहुँच रहे हैं। वहीं दूसरा बड़ा फड़ नुनेरा- बाँधाखार और इसके आसपास संचालित हो रहा है। यहां दीपका, हरदीबाजार, रंजना, बांकीमोंगरा क्षेत्र के ताश प्रेमी बड़ी संख्या में पहुँच रहे हैं। बताया जा रहा है कि उक्त दोनों फड़ो के संचालनकर्ता एक ही समाज के दो अलग- अलग व्यक्ति हैं, जो पोड़ी, नुनेरा के स्थानीय है तथा जो पुलिस से बचने के लिए रोजाना जगह बदल- बदल कर फड़ चलाते हैं। कभी खेत में, कभी जंगल में तो कभी बंद पड़े मकान में जुए का फड़ सजाया जा रहा है। दोनों स्थानों पर चल रहे जुए के इस खेल में रोजाना लाखों के दांव लग रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि फड़ में आने वाले जुआरियों के लिए बाकायदा चाय, बीड़ी, गुटखा और शराब, कबाब भी अतिरिक्त शुल्क लेकर मुहैया कराई जाती है। इस खेल में जुआ संचालकों को रोजाना नाल के रूप में हजारों रुपए की अवैध कमाई हो रही है। उल्लेखनीय है कि दीपावली का त्योहार नजदीक आते ही जुआ संचालक सक्रिय हो जाते हैं। वहीं इस त्योहार में जुए को परंपरा मानकर कई लोग अपनी गढ़ी कमाई को दांव पर लगा देते हैं। इस खेल में कोई चंद रुपए जीतकर खुश हो जाता है तो कोई अपनी पूरी कमाई हार जाता है, जो उनके घरों में कलह की वजह बनती है। क्षेत्र के समाजसेवी संस्थाओं और जागरूक नागरिकों ने इस समाज विरोधी कृत्य पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि पोड़ी और नुनेरा में संचालित हो रहे जुए के फड़ो पर गंभीरता से संज्ञान लेकर छापेमारी करते हुए संचालकों एवं जुआरियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि युवा पीढ़ी इस लत से बच सके और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।



