ब्रेकिंग न्यूज़ भाकपा (CPI) कोरबा जिला परिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों को चना न मिलने और राशन दुकानों में जारी अव्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पार्टी के जिला सचिव कामरेड पवन कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के जरिए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

इस दौरान वरिष्ठ नेता का. एन. के. दास, का. श्याम बिहारी बनाफर, का. रामू केंवट और का. नरेंद्र कुमार सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ज्ञापन में उठाए गए मुख्य मुद्दे:
* चने का वितरण ठप: खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 की अनदेखी करते हुए अगस्त 2025 से नवंबर 2025 तक (4 महीने) और फिर जुलाई 2026 से लगातार चने की आपूर्ति बंद रखी गई है।
* तकनीकी व संचालन संबंधी खामियां: ई-पॉश मशीनों में लगातार सर्वर की समस्या, राशन मिलने में देरी और राशन दुकानों के खुलने-बंद होने का अनिश्चित समय।
* हितग्राहियों को परेशानी: नियमित राशन न मिलने और घंटों कतार में खड़े रहने के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और रोज कमाने-खाने वाले मजदूरों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
भाकपा की 5 प्रमुख मांगें:
* बकाया चने का वितरण: अगस्त-नवंबर 2025 का बकाया और जुलाई 2026 से बंद चने का कोटा एक साथ (एकमुश्त) जारी किया जाए।
* समय पर राशन आवंटन: राशन दुकानों में पर्याप्त खाद्यान्न का स्टॉक सुनिश्चित कर तय समय-सीमा में वितरण हो।
* ई-पॉश समस्या का स्थायी हल: मशीनों के सर्वर डाउन रहने की तकनीकी दिक्कत को तुरंत दूर किया जाए।
* मूलभूत सुविधाएं: राशन दुकानों पर उपभोक्ताओं के बैठने के लिए शेड (छाया) और पीने के साफ पानी का प्रबंध हो।
* कड़ी कानूनी कार्रवाई: खाद्यान्न की कालाबाजारी और लापरवाही में शामिल विक्रेताओं व अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर सख्त कदम उठाए जाएं।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने चेतावनी देते हुए मांग की है कि 15 दिनों के भीतर एक विशेष जांच समिति गठित कर जनहित में इन समस्याओं का समाधान किया जाए।
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