छत्तीसगढ़ / कोरबा मानिकपुर स्थित गार्डन परिसर में श्री श्री गणेश युवा गार्डन समिति के तत्वावधान में गणेशोत्सव अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं वैदिक मर्यादा के साथ हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न हुआ। विघ्नहर्ता, ऋद्धि-सिद्धि के दाता और सनातन परंपरा के प्रथम आराध्य भगवान श्री गणेश के पूजन-अर्चन से संपूर्ण परिक्षेत्र आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा।
प्रथम आराध्य का पूजन एवं वैदिक अनुष्ठान
उत्सव के अंतर्गत भगवान गजानन का शास्त्रों में वर्णित षोडशोपचार विधि से विधिवत अभिषेक, अर्चन और पूजन संपन्न हुआ। दुबी, शमीपत्र, मोदक एवं रक्तपुष्प अर्पित कर यज्ञाचार्य व पुरोहितों द्वारा उच्चारित गणपति अथर्वशीर्ष एवं वैदिक ऋचाओं के सस्वर पाठ ने संपूर्ण वातावरण को पवित्र कर दिया। शास्त्रों के अनुसार किसी भी शुभ कार्य एवं साधना के पूर्व प्रथम पूज्य विनायक की आराधना से समस्त विघ्नों, अमंगलों और बाधाओं का शमन होकर धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
अलौकिक महाआरती काशी-हरिद्वार की तर्ज पर पंचोपचार दीपोत्सव
शाम की गोधूलि वेला में आयोजित भव्य महाआरती इस आयोजन का मुख्य केंद्र रही। पारंपरिक परिधानों में सजे आचार्यों द्वारा भव्य दीप-वृक्ष, धूप-पात्र, सुवासित कर्पूर और सुसज्जित छत्र के साथ लयबद्ध आरती की गई।
धार्मिक व शास्त्रीय महत्त्व: महाआरती केवल एक परंपरा नहीं, अपितु पंचतत्वों जैसे अग्नि, वायु, जल, पृथ्वी, आकाश द्वारा परमात्मा के प्रति कृतज्ञता और आत्म-समर्पण का शास्त्रीय प्रतीक है। दीपशिखा से प्रज्वलित आलोक नकारात्मक शक्तियों का नाश करता है तथा वातावरण में सकारात्मक स्पंदन का संचार करता है। महाआरती के दर्शन मात्र से भक्तों में असीम शांति और आत्मिक ऊर्जा का संचार हुआ।

संध्या आरती के उपरांत विशाल भोग एवं भंडारे का आयोजन किया गया। उपनिषदों में कहा गया है ‘अन्नं परब्रह्म स्वरूपम्’ अर्थात् अन्न ही ब्रह्म है। हजारों श्रद्धालुओं ने पंक्तिबद्ध होकर भगवान का पवित्र महाप्रसाद ग्रहण किया। समिति के कार्यकर्ताओं ने अत्यंत सेवा-भाव और विनम्रता के साथ भक्तों को प्रसाद वितरित कर नर सेवा ही नारायण सेवा के सनातन संकल्प को चरितार्थ किया।

इस भव्य आयोजन को अनुशासित और सुव्यवस्थित रूप देने में श्री श्री गणेश युवा गार्डन समिति के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की सराहनीय भूमिका रही।
आयोजन समिति के अध्यक्ष विकास चौहान, उपाध्यक्ष रितेश रांगड़े, सचिव राजवीर सिंह जांगड़े, सहसचिव अरविंद बाँधे और कोषाध्यक्ष सूरज चौहान के कुशल नेतृत्व में कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित हुआ।
आयोजन को भव्य रूप देने में संरक्षकगण विशाल छाबड़ा, भगोलू साहू, दीपक साहू, अजीत तिवारी, दीपेश साहू, संजीव साहू, उदय सोनी, राजेश निराला, सांस्कृतिक प्रमुख अमन भारद्वाज, चेजानी निषाद, भोग एवं भंडारा प्रमुख अक्षांश सोनी, सौरभ टोप्पो तथा सुरक्षा व्यवस्थापक दल और सजावट व पंडाल प्रमुख अनीता साहू, रीमा निषाद, प्रिया चौहान, संध्या चौहान, पिंकी निषाद, नम्रता कर्ष, अंजू सोनी, तेजस्वी साहू, स्नेहा साहू, कंगना चौहान सहित समस्त कार्यकारिणी सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
गणपति बप्पा मोरया के गगनभेदी जयकारों, दिव्य भजनों और श्रद्धा की त्रिवेणी के साथ यह पावन अनुष्ठान संपूर्ण क्षेत्रवासियों के लिए एक अविस्मरणीय और प्रेरणादायी आध्यात्मिक अनुभव बन गया।



