प्रयागराज नगर निगम की महिला राजस्व निरीक्षक राधा देवी को 20 हजार रुपए रिश्वत लेते एंटी करप्शन टीम ने गिरफ्तार किया था। जांच में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रिश्वत देने से इनकार करने पर राधा देवी ने उसे धमकाया था। उसने कहा था- ‘इंचीटेप लगाकर पूरा कॉमर्शियल में नाप दूंगी… फिर पूरा बिल भरना पड़ेगा और पूरी बात ही खत्म हो जाएगी।’
शिकायतकर्ता के मुताबिक, पहले एक कर्मचारी के जरिए 15 हजार रुपए की मांग की गई थी। जब वह शिकायत लेकर राधा देवी के पास पहुंचा तो रकम बढ़ाकर 20 हजार रुपए कर दी गई। इसके बाद उसने एंटी करप्शन संगठन में शिकायत की।
शिकायतकर्ता शारिक अहमद सेक्टर-ए शांतिपुरम, गद्दोपुर, फाफामऊ के रहने वाले हैं और कपड़ों का कारोबार करते हैं। मार्च में उनका हाउस टैक्स बढ़कर करीब 1.16 लाख रुपए का बिल आया था। बिल में संशोधन कराने के लिए वह नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
इसके बाद वह जोन कार्यालय में राजस्व निरीक्षक राधा देवी से मिले। आरोप है कि राधा देवी ने मकान पर पहुंचकर निरीक्षण भी किया और बाद में कार्यालय आने के लिए कहा।
कुछ दिन बाद धर्मेंद्र नाम के कर्मचारी ने शारिक को फोन किया और कहा कि राधा मैडम ने बुलाया है। आरोप है कि कार्यालय पहुंचने पर कर्मचारी ने 15 हजार रुपए की मांग की। जब शारिक ने यह बात राधा देवी को बताई तो उन्होंने काम कराने के लिए 20 हजार रुपए लगने की बात कही।
शारिक ने राधा देवी से कहा कि हाउस टैक्स की बिलिंग गलत हुई है और वह खुद इस मामले में पीड़ित है। ऐसे में रिश्वत किस बात की दे। आरोप है कि इसके बाद राधा देवी ने उस पर रकम देने का दबाव बनाया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उसने 20 हजार रुपए दो बार में देने की बात कही, लेकिन राधा देवी तैयार नहीं हुईं। आरोप है कि उन्होंने साफ कहा कि पूरी रकम एक बार में ही देनी होगी, तभी काम होगा।
इसके बाद 28 सितंबर को शारिक ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन की प्रयागराज इकाई में शिकायत की। शिकायत की जांच के बाद टीम ने रिश्वत लेते पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई।
29 सितंबर को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की 14 सदस्यीय टीम फाफामऊ स्थित नगर निगम के जोन-7 कार्यालय पहुंची। टीम के साथ लोक सेवक साक्षी भी मौजूद थे।
दोपहर करीब 1:16 बजे शिकायतकर्ता ने राधा देवी को 20 हजार रुपए दिए। आरोप है कि रकम लेते ही उन्होंने नोट टेबल की दराज में रख दिए। इसी दौरान ट्रैप टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया। टीम ने रिश्वत की रकम बरामद कर मौके पर कार्रवाई की।
ट्रैप टीम के पकड़े जाने के बाद राधा देवी के गिड़गिड़ाने और रोने की बात सामने आई है। आरोप है कि उन्होंने टीम से कहा कि उन्होंने कुछ नहीं किया है। हालांकि, कार्रवाई के बाद सामने आई एक तस्वीर में वह मुस्कुराती हुई नजर आ रही हैं।
गिरफ्तार राजस्व निरीक्षक की पहचान राधा देवी पत्नी अंशुल कुमार, पुत्री गिरधारी लाल के रूप में हुई है। वह मूल रूप से प्रतापगढ़ के मान्धाता थाना क्षेत्र के पुरेला गांव की रहने वाली हैं। वर्तमान में फाफामऊ क्षेत्र में राजस्व निरीक्षक के पद पर तैनात थीं और प्रयागराज के गोविंदपुर इलाके में रह रही थीं।
एंटी करप्शन प्रयागराज के प्रभारी रविंद्र सिंह यादव ने बताया कि रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद आरोपी राजस्व निरीक्षक के खिलाफ फाफामऊ थाने में अभियोग पंजीकृत कराया गया। बाद में मुकदमा एंटी करप्शन थाने में ट्रांसफर किया गया। अब विवेचना और अन्य कार्रवाई एंटी करप्शन टीम कर रही है।
गिरफ्तार राजस्व निरीक्षक को बुधवार यानी आज एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया जाएगा। वहां उनकी रिमांड को लेकर आगे की कार्रवाई होगी।


