झारखंड के कोडरमा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। सतगावां स्थित राज्य संपोषित प्लस टू विद्यालय बासोडीह के छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की भारी कमी और जर्जर शैक्षणिक व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
मुख्य बातें:
* 3 किलोमीटर लंबा मार्च: विद्यालय में बुनियादी सुविधाओं के अभाव से परेशान होकर सैकड़ों विद्यार्थियों ने दोपहर करीब 12 बजे स्कूल से प्रखंड मुख्यालय तक 3 किलोमीटर का पैदल मार्च निकाला और वहां धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
* शिक्षकों की भारी कमी: विद्यालय में कुल 2,540 छात्र नामांकित हैं। वहीं, 9वीं से 12वीं तक के लिए स्वीकृत 22 पदों में से केवल 10 शिक्षक ही कार्यरत हैं। इतना ही नहीं, इनमें से भी कई शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में प्रतिनियुक्त (डेपुटेशन) पर भेज दिया गया है।
* विषयों की पढ़ाई ठप: अंग्रेजी, इतिहास, संस्कृत, जीव विज्ञान, अर्थशास्त्र, गणित, हिंदी और रसायन शास्त्र जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हैं।
* जर्जर भवन और मूलभूत समस्याएं: छात्रों ने बताया कि बरसात में कक्षाओं की छत से पानी टपकता है और एक-एक बेंच पर 8-8 विद्यार्थियों को जबरन बैठना पड़ता है।
* अधिकारियों को दिखाया आईना: प्रदर्शन की सूचना मिलने पर बीडीओ मनोज कुमार रवि और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। छात्रों ने अधिकारियों के सामने अपनी मांगें रखीं और कहा कि जब तक लिखित आश्वासन और समय-सीमा नहीं दी जाती, वे अपना धरना खत्म नहीं करेंगे। छात्रों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मुकुल राज के आश्वासन को भी मानने से इनकार कर दिया और केवल उपायुक्त से बात करने की मांग पर अड़े रहे।
शाम करीब 4 बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ, लेकिन इस घटना ने सरकारी स्कूलों में फैली अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही की पोल खोलकर रख दी है।


