कोरबा, 21 अक्टूबर। दशहरा मेले की भीड़ और बाजार में खरीदारी की आपाधापी के बीच नकली नोट खपाने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को सिविल लाइन थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी आरपी नगर फेज-1 इलाके में खिलौने बेचने और ठेला लगाने की आड़ में लोगों को 200 रुपये के नकली नोट थमाने की कोशिश कर रहे थे।

बताया जा रहा है कि आरोपी मेले में लगी दुकानों और ठेलों पर छोटी-मोटी खरीदारी करते और भुगतान के दौरान 200 रुपये के नकली नोट इस्तेमाल करते थे। भीड़भाड़ और जल्दबाजी का फायदा उठाकर नोट बाजार में चलाने की कोशिश की जा रही थी।
दुकानदार को हुआ शक, पुलिस तक पहुंची सूचना
इसी दौरान एक दुकानदार को आरोपी द्वारा दिए गए 200 रुपये के नोट पर संदेह हुआ। नोट को ध्यान से देखने और छूने के बाद दुकानदार को उसके नकली होने का अंदेशा हुआ। उसने बिना शोर किए तत्काल सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्धों को पकड़कर पूछताछ शुरू की। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 200 रुपये के 15 संदिग्ध नकली नोट बरामद किए गए, जिनकी अंकित कीमत कुल 3,000 रुपये बताई गई है।
साधारण कागज पर छापे जा रहे थे नोट
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि कथित तौर पर नकली नोटों को साधारण कागज पर प्रिंट किया जा रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि गिरोह में शंभू नाम का एक युवक कथित रूप से नोट तैयार करने का काम करता था, जबकि दूसरा व्यक्ति इन्हें बाजार और मेले में चलाने की कोशिश करता था।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद नोट कहां तैयार किए गए और अब तक कितने नकली नोट बाजार में पहुंचाए जा चुके हैं।
पुलिस खंगाल रही गिरोह का पूरा नेटवर्क
एएसपी लखन पटले के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस आरोपियों के ठिकाने, उनकी पहचान और नकली नोटों के स्रोत की जानकारी जुटा रही है।
इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस मामले में और कितने लोग शामिल हैं तथा नकली नोट तैयार करने का कथित ठिकाना कहां है।
दशहरा मेले की भीड़ में नकली नोट खपाने की कोशिश का खुलासा होने के बाद पुलिस की जांच अब इस नेटवर्क के पीछे जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने पर केंद्रित है।

