कोरबा। खोडरी विकास खंड, कटघोरा के ग्राम खोडरी की आदिवासी महिलाएं अपनी खेती की जमीन को बचाने के लिए सड़कों पर उतर आई हैं। ग्राम की महिलाएं दावा कर रही हैं कि कुसमुंडा प्रबंधन उनके खेतों पर बिना मुआवजा दिए बलपूर्वक कब्जा कर रही है।
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उनकी जमीन उनके जीविकोपार्जन का प्रमुख साधन है और इसे छीनने का प्रयास उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के लिए खतरा है। महिलाओं ने यहां तक चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे जान की परवाह किए बिना अपनी जमीन के लिए संघर्ष करेंगी।
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व शिवकुमारी कंवर कर रही हैं, जो एम.ए. पास हैं और ग्राम खोडरी की ग्रामीण महिला संगठन की प्रमुख हैं। शिवकुमारी कंवर ने बताया कि ग्रामीण आदिवासी महिलाएं अपनी जमीन को बचाने के लिए एकजुट हैं और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग कर रही हैं।
ग्राम पंचायत खोडरी के लोगों ने भी इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कुसमुंडा प्रबंधन के इस कदम से गांव की सामाजिक और आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि बिना मुआवजा दिए किसी की जमीन पर कब्जा नहीं होना चाहिए और न्याय सुनिश्चित किया जाए।




