कोरबा
त्योहारी सीजन में मिठाई समेत पकवानों के लिए खाद्य पदार्थों की बिक्री ज्यादा होती है।
डिमांड अधिक होने पर कई व्यापारी अधिक मुनाफे के लिए मिलावटी और गुणवत्ताहीन (मिस ब्रांडिंग) वाले खाद्य पदार्थ खपा देते हैं। इस तरह से लोगों की सेहत से खिलवाड़ किया जाता है। हालांकि इस त्योहारी सीजन में खाद्य नियंत्रक दीपक अग्रवाल के मार्गदर्शन में खाद्य व औषधि प्रशासन विभाग की टीम लगातार डेयरी व किराना दुकानों में पहुंचकर जांच व सैंपलिंग की कार्रवाई कर रही है। एफएसएसएआई नियम का पालन नहीं करने और लैब की जांच रिपोर्ट में सैंपल फेल होने पर जुर्माना कार्रवाई भी की जा रही है।
इस त्योहारी सीजन में लिए गए सैंपल में पावर हाउस रोड स्थित हरियाणा जलेबी की जलेबी कम गुणवत्ता की निकली, जिस पर 25 हजार जुर्माना लगाया। इसी तरह विदाउट लाइसेंस मिस ब्रांडिंग खाद्य पदार्थ बेचने पर श्रीराम सुपर मार्केट के संचालक पर 25 हजार, मनोहर एजेंसी के संचालक रित्विक चावलानी पर 15 हजार रुपए, मिस ब्रांडिंग पर कटनी स्थित चार मीनार एजेंसी पर 15 हजार, विदाउट लाइसेंस संचालन पर मुड़ापार स्थित गायत्री किराना स्टोर व कांची सुपर बाजार पर पर 10-10 हजार जुर्माना ठोंका गया।
हर बार त्योहारी सीजन के दौरान 2-4 दिन डेयरी और किराना दुकानों में पहुंचकर सैंपल लेने वाली टीम में शामिल अभिहीत अधिकारी पुष्पा खाखा, फूड सेफ्टी ऑफिसर संघर्ष मिश्रा व विकास भगत सैंपलिंग करने प्रतिष्ठानों में पहुंच रहे हैं। इससे बाजार में ऐसे मिठाई व खाद्य कारोबारियों के बीच हड़कंप मच गया है, जो त्योहारी सीजन में कम गुणवत्ता या मिलावटी सामान खपाते थे। टीम ने 3 दिन के भीतर शहर के निहारिका स्थित न्यू मधु स्वीट्स निहारिका से सलोनी नमकीन, नेचुरल स्वीट्स से बनारसी लड्डू और पंजाबी मिठाई, बालको के मधुबन डेयरी से चिकन चिल्ली पहुंचकर सैंपल लिया। बिलासपुर से पहुंचे एमएफटीएलफूड वैन ने डेयरी शॉप में जांच कर जनजागरूकता फैलाई।



