कोरबा आदर्श हायर सेकेंडरी स्कूल बालको को शासन से शत-प्रतिशत अनुदान मिलता है। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन पर मानो प्रशासन का नियंत्रण नहीं रह गया है। बालको शिक्षण समिति द्वारा संचालित इस स्कूल में प्राचार्य पद को लेकर विवाद अब तक शांत नहीं हो पाया है, जबकि 23 सितंबर 2025 को डीईओ टीपी उपाध्याय ने बालको शिक्षण समिति के अध्यक्ष के नाम भुवनलाल चंद्रा को प्रभारी प्राचार्य बने रहने का लिखित आदेश जारी किया है। इसके बाद भी समिति ने चंद्रा के बजाय पुरुषोत्तम कर्ष को प्राचार्य माना।
वर्षों से चले आ रहे इस विवाद का पटाक्षेप नहीं होने का खामियाजा गुरुवार को वहां पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को भुगतना को पड़ा। हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल की छमाही परीक्षा चल रही है। गुरुवार को संस्था के एक प्राचार्य ने हिंदी विषय का प्रश्न-पत्र कक्षा 11वीं के छात्रों को बंटवा दिया तो दूसरे ने अंग्रेजी विषय का। यह विसंगति देख छात्रों ने नाराज होकर परीक्षा का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद सभी छात्र वहां से सीधे कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर को अपनी समस्या का समाधान करने ज्ञापन सौंपा।
छात्रों ने कहा – दो प्राचार्य के झगड़े में उनका क्यों नुकसान कर रहा प्रबंधन कलेक्टोरेट पहुंचे छात्रों ने बताया कि उनके स्कूल में दो प्राचार्य बने हुए हैं। इसके कारण उनकी पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है। नियमित ढंग से पढ़ाई नहीं होती है। दो प्राचार्य होने से आए दिन स्कूल में कोई न कोई विवाद होता रहता है। गुरुवार को भी दो अलग-अलग पेपर एक ही दिन एक ही समय में मिलने से उन्हें समझ में नहीं आया कि आखिर वे किस प्राचार्य की बात मानें और किसकी नहीं। छात्रों ने आरोप लगाया कि पुरुषोत्तम कर्ष ने उन्हें अपने प्रश्न-पत्र की परीक्षा देने मजबूर कर कहा कि अगर वे परीक्षा नहीं देते हैं तो उन्हें फेल कर दिया जाएगा, जबकि उनके हाथ में पहले ही अंग्रेजी विषय का प्रश्न-पत्र आ चुका था।


