कोरबा प्रदेश में होली से पहले धान खरीदी के अंतर का पैसा किसानों के बैंक खातों में एकमुश्त भेजा जाएगा। इसके बाद किसान (ग्रामीण) बैंकों में रुपए निकालने पहुंचेंगे। ऐसे समय में बदमाश सक्रिय होकर बैंक से रकम लेकर गांव के लिए निकलने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं।
रास्ते में मौका मिलने पर रकम की उठाईगिरी होती है, नहीं तो लूट की घटना को अंजाम दिया जाता है। हर साल कोरबा समेत आसपास के जिलों में ऐसी घटनाएं होती है, ज्यादातर वारदात में नट गिरोह का हाथ होता है। उठाईगिरी व लूट का शिकार वे ग्रामीण होते हैं, जो बैंक से रकम निकालकर जाते समय सतर्कता नहीं बरतते, इसलिए इस बार कोरबा पुलिस पहले से ही ग्रामीणों को बदमाशों से उनकी रकम बचाने पहल करते हुए जागरूकता अभियान चला रही है। इसके तहत ग्रामीणों को सरलता से सुरक्षा के उपाय समझ आ सके, इसको ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ी भाषा में पोस्टर प्रकाशित किया गया है। ऐसे पोस्टर बैंक समेत अन्य वित्तीस संस्थान व गांव के सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किए गए हैं। वहीं पुलिस द्वारा कोटवार की मदद से गांव-गांव में मुनादी कर उक्त जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाई जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफार्म का भी मदद लेते हुए लोगों तक जागरूकता संदेश पहुंचा रही है।
पड़ोसी जिले में लूट के बाद बढ़ी निगरानी वैवाहिक सीजन के लिए ग्रामीणों के बैंक से रकम निकालने का सिलसिला शुरू हो गया है। इसके साथ ही अपराधी भी एक्टिव हो गए हैं। शुक्रवार को पड़ोसी जिले जांजगीर-चांपा के शिवरीनारायण क्षेत्र में राहौद निवासी गोपेश्वर कुमार पटेल के बैंक से ढाई लाख रुपए निकालकर ले जाते समय रास्ते में दो बदमाशों ने उसे रोककर पूरी रकम लूट ली।
रकम लेते समय सतर्क रहें ^एएसपी कोरबा लखन पटले के मुताबिक बैंक से बड़ी रकम निकालने के बाद अकेले सुनसान स्थानों पर न जाएं। संभव हो तो 3-4 विश्वसनीय लोगों के साथ रखें। किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं। पैसा निकालने के बाद बीच रास्ते में अनावश्यक रूप से न रुकें और वाहन की डिक्की या डैशबोर्ड में न छोड़ें। लापरवाही से गाड़ी में पैसा रखना अपराधियों को मौका दे सकता है। बैंक के आसपास घूमते या रास्ते में पीछा करते हुए कोई संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो कंट्रोल रूम के नंबर 9479193399 पर कॉल कर तुरंत पुलिस को सूचना दें।


