कोरबा 11 मार्च 2026/
विकासखंड करतला के ग्राम पंचायत साजापानी का आश्रित ग्राम भंवरखोल लंबे समय से खाद्यान्न प्राप्ति की गंभीर समस्या का सामना कर रहा था। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले राशन के लिए ग्रामीणों को लगभग 14 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। बरसात के दिनों में मार्ग बाधित होने से स्थितियाँ और अधिक कठिन हो जाती थीं, जिससे विशेष रूप से बुजुर्ग, महिलाएँ एवं दिव्यांग हितग्राहियों को भारी परेशानी होती थी।
साजापानी स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में सितंबर 2025 तक कुल 670 राशनकार्ड संबद्ध थे, जिनमें अंत्योदय, प्राथमिकता, निःशक्त तथा सामान्य श्रेणी के परिवार शामिल थे। इनमें से भंवरखोल के 276 कार्डधारी परिवारों द्वारा लगातार दूरी एवं असुविधा संबंधी समस्या की जानकारी स्थानीय पंचायत द्वारा जिला प्रशासन तक पहुंचाई गई।
ग्रामीणों की आवश्यकता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ त्वरित निर्णय लिया और ग्राम भंवरखोल में ही नवीन शासकीय उचित मूल्य दुकान की स्थापना स्वीकृत की। अक्टूबर 2025 से इस दुकान में खाद्यान्न आबंटन एवं वितरण का कार्य विधिवत प्रारंभ करा दिया गया। इससे ग्रामीणों को तत्काल बड़ी राहत मिली और अब वे अपने ही गाँव में समय पर और नियमित रूप से राशन प्राप्त कर पा रहे हैं। दुकान का संचालन जय भैरवी महिला स्व-सहायता समूह द्वारा पारदर्शी एवं सुचारू रूप से किया जा रहा है, जिससे वितरण व्यवस्था में सहजता बनी हुई है।
जिला प्रशासन द्वारा दुकान के लिए नवीन पीडीएस भवन की स्वीकृति भी प्रदान की गई है। यह भवन डीएमएफ मद से निर्माणाधीन है और आगामी बरसात से पूर्व पूर्ण हो जाएगा। भवन तैयार होने के पश्चात खाद्यान्न भंडारण एवं वितरण व्यवस्था और अधिक सुरक्षित एवं व्यवस्थित हो जाएगी।
ग्राम भंवरखोल के ग्रामीण किशन पिता जीवन, नन्द कुमार पिता प्यारे लाल, योगेश कुमार पिता शहादुर सिंह, राहुल कुमार पिता रामरतन तथा जीवन लाल पिता रामसिंह ने बताया कि पहले उन्हें राशन प्राप्ति हेतु लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी और बरसात में स्थिति अत्यंत जटिल हो जाती थी। अब गांव में ही उचित मूल्य दुकान संचालित होने से न केवल समय और दूरी की समस्या समाप्त हो गई है बल्कि नियमित और समय पर राशन उपलब्ध होने से सभी हितग्राही संतुष्ट हैं।
भंवरखोल में उचित मूल्य दुकान की स्थापना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए किए गए संवेदनशील निर्णय का स्पष्ट उदाहरण है। यह सफलता कहानी दर्शाती है कि योजनाओं का प्रभाव तब ही सार्थक होता है, जब वे जन-हित में समय पर और सही स्थान पर लागू की जाती हैं। खाद्य अधिकारी श्री घनश्याम कँवर ने बताया कि आज भंवरखोल के ग्रामीण महसूस कर रहे हैं कि सुविधाएँ उनके द्वार तक पहुँच रही हैं और उनका जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल एवं सहज हो गया है।




















