रायपुर/कोरबा। विधानसभा में कोरबा जिले में राइस मिलर्स से अमानक चावल लिए जाने का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। विपक्ष ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। मंत्री दयालदास बघेल ने सदन में बताया कि 8 हजार क्विंटल से अधिक अमानक चावल लिया गया था और इस मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है।
घोटाले के लिए दूसरे जिले की आईडी का किया गया उपयोग
दरअसल प्रश्नकाल में कांग्रेस विधायक व्यास कश्यप ने इस मामले को सदन में उठाते हुए सरकार से पूछा कि 3. क्या खाद्य मंत्री महोदय यह बताने की कृपा करेंगे कि :- (क) क्या कोरबा जिले में नागरिक आपूर्ति निगम के अंतर्गत संचालित संग्रहण केन्द्रों/गोदामों में दूसरे जिले की आईडी एवं ओटीपी का उपयोग कर अमानक (सब स्टेंडर्ड) चावल की खरीदी की गई? यदि हां, तो संबंधित प्रकरण में किन-किन जिलों के अधिकारियों/कर्मचारियों की आईडी का उपयोग किया गया ? (ख) कुल कितनी मात्रा में अमानक/घटिया चावल की खरीदी की गई? उसकी अनुमानित वित्तीय राशि कितनी है? क्या गुणवत्ता परीक्षण (क्वालिटी इंस्पेक्शन) नियमानुसार किया गया था? यदि किया गया तो अमानक चावल कैसे स्वीकार हुआ? (ग) प्रकरण में अब तक किन अधिकारियों/कर्मचारियों को निलंबित/हटाया गया है? क्या किसी के विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई है? विवरण प्रदान करें?
इस प्रश्न के जवाब में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि (क) जी हाँ। इस प्रकरण में जिला बालोद, बेमेतरा एवं जशपुर के कर्मचारियों की आईडी का उपयोग किया गया। (ख) खरीदे गये चावल में से 8153.48 किंटल चावल वितरण योग्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसकी अनुमानित वित्तीय राशि लगभग 3.34 करोड़ रूपये है। वितरण के योग्य नहीं पाए गये चावल का गुणवत्ता परीक्षण तत्समय नियमानुसार नहीं किए जाने के कारण अमानक चावल जमा हुआ। (ग) प्रकरण में एक कनिष्ठ सहायक एवं एक कनिष्ठ तकनीकी सहायक को निलंबित किया गया है। जी नहीं. एफआईआर नहीं कराया गया है। शेष प्रश्नांश उपास्थित नहीं होता।
नान के पूर्व जिला प्रबंधक को किया गया निलंबित
मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में अधिकारी (नान के पूर्व जिला प्रबंधक) प्रमोद जांगड़े को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा विभागीय स्तर पर अन्य कर्मचारियों की भी जिम्मेदारी तय की जा रही है।
राइस मिलर्स को चावल वापस करने नोटिस
विधानसभा में यह जानकारी भी दी गई है कि अमानक चावल देने वाले एक दर्जन से भी अधिक राइस मिलर्स को चावल को वापस कर दूसरा चावल देने को कहा गया है।
नेता प्रतिपक्ष ने भी किया सवाल
सदन में इस दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने मंत्री से पूछा कि संबंधित अधिकारी को कब निलंबित किया गया और जांच की वर्तमान स्थिति क्या है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में पारदर्शिता जरूरी है, ताकि जनता को यह भरोसा मिल सके कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री ने जवाब में बताया कि इस मामले की भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से भी जांच कराई गई है। इसके साथ ही विभाग ने अलग से एक जांच दल का गठन किया है, जो पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहा है।
मंत्री के अनुसार अब तक दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जबकि दस अन्य कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। विभागीय स्तर पर जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई की जाएगी।
असली दोषियों को बचाने का आरोप, बहिर्गमन
हालांकि मंत्री के जवाब से विपक्ष पूरी तरह संतुष्ट नहीं हुआ। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि इस मामले में असली दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में अमानक चावल की खरीदी होना गंभीर अनियमितता है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर विपक्षी विधायकों ने सदन में नारेबाजी भी की। स्थिति को देखते हुए कुछ समय के लिए सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। अंततः मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्यों ने विरोध स्वरूप सदन से बहिर्गमन कर दिया।


