*कोरबा | दिनांक: 30 मार्च 2026* छत्तीसगढ़ शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कोरबा जिले के रानी धनराज कुंवर देवी स्वास्थ्य केंद्र में विभागीय आदेशों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
ज्ञात हो कि दिनांक *12/03/2026* को संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ द्वारा आदेश जारी कर समस्त चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के *संलग्नीकरण (अटैचमेंट) को तत्काल प्रभाव से समाप्त करने* के निर्देश दिए गए थे। साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों को *तीन दिवस के भीतर पालन सुनिश्चित कर प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने* के लिए कहा गया था।
इसके बावजूद संबंधित स्वास्थ्य केंद्र में अब तक इस आदेश पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जो सीधे-सीधे शासन के निर्देशों की अवहेलना मानी जा रही है।
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⚠️ *महिला मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़*
स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब यह सामने आता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पताढी जैसे ग्रामीण क्षेत्र के प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र में *महिला रोग विशेषज्ञ की सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं*।
यहां पदस्थ महिला रोग विशेषज्ञ *श्रीमती यामिनी बोड़े* वर्तमान में रानी धनराज कुंवर देवी अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं, जहां पहले से ही एक अन्य महिला रोग विशेषज्ञ मौजूद हैं।
👉 इसका सीधा असर:
* गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है
* समय पर उपचार नहीं मिलने से गंभीर जोखिम बढ़ रहा है
* ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है
💊 *दवा वितरण व्यवस्था भी प्रभावित*
इसी तरह, श्री गोवर्धन कंवर, जो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेसमा में फार्मासिस्ट के पद पर पदस्थ हैं, उन्हें भी अटैचमेंट के तहत रानी धनराज कुंवर देवी स्वास्थ्य केंद्र में स्टोर प्रभारी बना दिया गया है।
जबकि वहां पहले से फार्मासिस्ट उपलब्ध हैं।
👉 परिणाम:
* भेसमा क्षेत्र में दवा वितरण बाधित
* ग्रामीण मरीजों को समय पर दवाइयां नहीं मिल रही
* स्वास्थ्य सेवाएं चरमराने लगी हैं
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📢 *जनता में आक्रोश, उठ रहे बड़े सवाल*
* जब शासन ने स्पष्ट आदेश दे दिया, तो पालन क्यों नहीं हुआ?
* जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई कब होगी?
* ग्रामीणों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ क्यों?
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🚨 *तत्काल कार्रवाई की मांग*
क्षेत्र की जनता ने प्रशासन से मांग की है कि:
* तत्काल संलग्नीकरण समाप्त किया जाए
* डॉक्टरों एवं स्टाफ को मूल पदस्थ स्थान पर भेजा जाए
* आदेश की अवहेलना करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो


