झाबू क्षेत्र का राखड़ (फ्लाई ऐश) डैम एक बार फिर बड़े हादसे का कारण बना है। एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार डैम का हिस्सा टूट गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
ताजा घटना में डैम का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया, जिसके चलते वहां काम कर रही JCB और पोकलेन मशीन करीब 150 मीटर नीचे जा गिरी। इस भीषण हादसे में JCB ऑपरेटर मलबे में दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
स्थानीय आरोप: “रेजिंग छुपाने के लिए जानबूझकर छेड़ा गया बांध”
स्थानीय लोगों का आरोप है कि शंकर इंजीनियरिंग ने जानबूझकर पोकलेन मशीन से डैम की रेजिंग को छेड़ा और कमजोर किया, ताकि राखड़ बांध के बाहर बह सके और बांध पूरी तरह भरने की स्थिति न आए। ग्रामीणों के अनुसार, ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि यदि बांध भर जाता, तो रेजिंग और राखड़ सप्लाई में हुई कथित गड़बड़ियां उजागर हो जातीं।
लोगों का कहना है कि बिना वास्तविक सप्लाई के भी भुगतान लिया गया था, और उसी को छुपाने के लिए यह कदम उठाया गया। आरोप है कि बांध को नियंत्रित तरीके से तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन इस प्रक्रिया में डैम का बड़ा हिस्सा ही असंतुलित होकर धंस गया, जिससे आज यह बड़ा और जानलेवा हादसा हो गया।
(इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है)
कुछ लोगों का कहना है कि मलबे में कुछ बाइक भी दबे होने की आशंका है, जिससे नुकसान और बढ़ सकता है।
घटिया रेजिंग पर ठेकेदार कटघरे में
ग्रामीणों ने सीधे तौर पर ठेकेदार शंकर इंजीनियरिंग को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि:
* डैम की रेजिंग (ऊंचाई बढ़ाने का काम) पूर्व में शंकर इंजीनियरिंग द्वारा की गई थी


