कोरबा। जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीब परिवारों को राशन वितरण व्यवस्था एक बार फिर लड़खड़ा गई है। नागरिक आपूर्ति निगम की लापरवाही के कारण 10 मई तक भी कोरबा और कटघोरा के वेयरहाउस गोदामों में करीब 70 हजार क्विंटल चावल का भंडारण नहीं हो सका है। जबकि जिले में हर महीने लगभग एक लाख 15 हजार क्विंटल चावल की खपत होती है। ऐसे में हजारों हितग्राहियों को समय पर राशन नहीं मिल पा रहा है।
जानकारी के अनुसार, शासन ने मई और जून माह का राशन 15 मई तक सभी हितग्राहियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसके लिए पहले 30 अप्रैल तक भंडारण की समय सीमा तय की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 10 मई कर दिया गया। बावजूद इसके विभागीय स्तर पर गंभीरता नहीं दिखाई गई और अब भी बड़ी मात्रा में चावल गोदामों तक नहीं पहुंच पाया है।
3.22 लाख बीपीएल परिवार प्रभावित
खाद्य विभाग की वेबसाइट के अनुसार जिले में कुल 3 लाख 22 हजार 487 बीपीएल हितग्राही परिवार हैं। इनमें प्राथमिकता, अंत्योदय, निराश्रित और निःशक्त परिवार शामिल हैं। जिले की 556 शासकीय उचित मूल्य दुकानों में चावल की कमी के कारण बड़ी संख्या में हितग्राहियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पोर्टल की तकनीकी खराबी से वितरण प्रभावित
राशन वितरण में तकनीकी दिक्कतें भी सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि मई माह की शुरुआत के पांच दिनों तक पोर्टल नहीं खुला। इसके बाद भी पोर्टल आधे समय ही संचालित हुआ, जिससे जिन दुकानों तक राशन पहुंचा भी, वहां वितरण प्रभावित रहा। कई हितग्राही अप्रैल माह का राशन भी अब तक नहीं ले पाए हैं।
विभागीय व्यवस्था पर उठे सवाल
सूत्रों के मुताबिक, नागरिक आपूर्ति विभाग में जिला प्रबंधक का प्रभार मुख्य लेखापाल बजरंग कसेर को सौंपा गया है। फील्ड अनुभव की कमी के चलते खाद्यान्न भंडारण और परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसका फायदा ट्रांसपोर्टर और मिलर उठा रहे हैं, जिसका सीधा असर वेयरहाउस और पीडीएस दुकानों पर पड़ रहा है।
फैक्ट फाइल
- प्राथमिकता कार्डधारी: 2,62,221
- अंत्योदय कार्डधारी: 57,315
- एपीएल कार्डधारी: 37,454
- निराश्रित परिवार: 1,621
- निःशक्त परिवार: 1,330
- कुल कार्डधारी: 3,52,623
राशन दुकानों में चावल की कमी के चलते कई जगह एक या दो माह का ही राशन दिया जा रहा है, जबकि कई दुकानों से हितग्राहियों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।



